ISIS के चंगुल से छूटी बच्ची, कहा- 3 दिन से पानी भी नहीं हुआ नसीब, पिता को मेरे सामने मारा

मोसुल (24 अक्टूबर): आतंकी संगठन ISIS के कब्जे से जिस तरह सेना शहरों को आजाद करा रही है। वैसे-वैसे ही वहां से ऐसी दर्दनाक कहानियां सामने आ रही है, जो किसी भी इंसान को झंकझोर कर रख दे। ऐसी ही एक खबर के अनुसार, सेना ने एक 10 साल की लड़की को आतंकियों के कब्जे से छुड़ाया है तो उसके बारे में जानकर हर कोई हैरान है।

आयशा नाम की इस लड़की के पिता को आतंकियों ने गोलियों से छलनी कर दिया था। मोसुल के नजदीक बसा काफेर गांव 2014 से आईएस के कब्जे में था। आयशा ने बताया कि उसने तीन दिनों से खाना और पानी नहीं पीया है। लड़की की मां आईएस के खिलाफ जंग में शामिल है, इससे आयशा अकेली पड़ गई थी। हवाई हमले में कई आतंकियों के ढेर होने के बाद गांव पर सेना ने कब्जा कर लिया।

आयशा को जब आजाद कराया गया तो आंखों में आंसू लिए, हाथ में पानी की बोतल और बिस्किट के पैकेट को खोलते हुए वो कहती हैं, मुझे लगा मेरी कोई मदद नहीं करेगा। लग रहा था कि आप मुझे बचाने कभी नहीं आओगे। मैं आपका शुक्रिया करती हूं। मेरे पास पिछले तीन दिनों से कुछ खाने और पीने को नहीं था।