चलती ट्रेन से गायब हो गयी बेटी, मां पुलिस वालो से लगा रही गुहार

नई दिल्ली (17 दिसंबर): 'विजयवाड़ा स्टेशन से मेरे साथ मेरी बेटी भी ट्रेन में सवार हुई। हमने एकसाथ सफर किया, लेकिन बैतूल से ट्रेन आगे बढ़ी तो बेटी गायब हो गई। आप तो पुलिसवाले हैं, प्लीज... मेरी स्वाति को खोजकर ला दो।' बीती शाम, 58 साल की गीता मुखर्जी आरपीएफ पोस्ट बिलख रही थी और अपनी बेटी को ढूंढ सकर लाने की गुहार लगा रही थी। 

गीता ने आरपीएफ को बताया कि उसे अपनी बेटी को साथ लेकर विजयवाड़ा से पैतृक गांव जयरामपुर जाना था। इसलिए विजयवाड़ा स्टेशन से रात 10.30 बजे संघमित्रा एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में सवार हो गई। ट्रेन चली और वारांगल स्टेशन को पार करते ही उसे नींद आ गई। बल्लारशाह में नींद खुली तो स्वाति से पानी मांगकर पिया।

यह ट्रेन सुबह नागपुर पहुंचने पर जागी और बेटी के साथ चाय पी। जबकि बैतूल के पास स्वाति ने वाशरूम जाने कहकर गई, लेकिन फिर वह देर तक नहीं आई। इसके बाद इटारसी में कुछ देर को ट्रेन ठहरी, तो वहां रेल अधिकारियों को अपनी समस्या बताई। तब उन्होंने जबलपुर स्टेशन में बेटी के गायब होने की शिकायत दर्ज कराने कहा। आरपीएफ ने पीड़ित महिला की शिकायत लेकर जीआरपी थाने भेजने की बात कही।