रोजाना श्मशान पहुंचकर करती है ऐसा काम, जिसे कोई नहीं करना चाहता !

नई दिल्ली (16 फरवरी): शमशान का नाम सुनते ही बहुत से लोगों की रुह कांप उठती है। लोग शमशान जाने से बचने की कोशिश करते हैं। हालांकि एक लड़की ऐसे लोगों से बिल्कुल अलग है। ये लड़की न सिर्फ शमशान जाना पसंद करती है बल्कि लोगों की मदद भी करती है। हैदराबाद की श्रुति रेड्डी एक सॉफ्टवेअर डेवलपर थीं। उन्होंने अपना ये काम छोड़कर अब अंतिम संस्कार के लिए सेवाएं देनी शुरू की हैं। उनके इस फैसले के बाद तो जैसे हर कोर्इ उनसे नाराज हो गया। 

श्रुति के परिवार वालों ने उसके इस फैसले पर नाराजगी जतार्इ तो कुछ लोगों ने उन्हें पागल तक कह डाला।बावजूद इसके श्रुति के इरादों में कोर्इ बदलाव नहीं आया। श्रुति का कहना है कि उसने एक कंपनी बनार्इ है। कंपनी का आइडिया तब आया जब कुछ साल पहले श्रुति के दादाजी की मृत्यु हो गर्इ और अंतिम संस्कार का सामान जुटाने में काफी परेशानी हुर्इ। अब श्रुति की कंपनी अंतिम संस्कार से जुड़ी सुविधाएं उपलब्ध कराती हैं। 

श्रुति का कहना है कि ये काम शुरू कर उन्होंने हर किसी की नाराजगी मोल ले ली। यहां तक की उनकी मां ने भी दो महीने तक बात नहीं की। श्रुति ने बताया कि जैसे लोग शादी की प्लानिंग करते हैं वैसे ही हम लोग फ्यूनरल प्लानिंग करते हैं। अब इस काम में श्रुति अकेली नहीं हैं उनके साथ चार लोग और भी इस काम में जुट गए हैं। वे बताती हैं कि किसी की मृत्यु होने के बाद एक फोन काॅल पर उनकी सारी टीम वहां पर सामान उपलब्ध करवा देती हैं। इससे दु:ख की घड़ी में शोक संतप्त लोगों को थोड़ी राहत होती है।