उड़े पाक के होश, गिलगित-बालिस्तान में प्रदर्शन तेज

संजीव, नई दिल्ली (16 अगस्त): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान के बाद गिलगित-बालिस्तान में भी पाकिस्तान के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन और तेज हो गए हैं। बयान से उत्साहित 23 राजनीतिक दलों के गुट आवामी एक्शन कमेटी ने पूरे इलाके में बंद का एलान कर दिया है और कहा है कि ये बंद तभी खत्म होगा, जब पाकिस्तान अपनी सेनाएं वापस बुलाएगा।

प्रधानमंत्री के बयान ने दुनिया के सामने पहली बार इतने बड़े स्तर पर गिलगित-बालिस्तान में पाक सेना की दोगली नीति की कलई खोल दी है। इलाके में पाक सेना के आतंक की कहानी को अबतक दुनिया के देशों तक नहीं पहुंचने देने की पाकिस्तानी चाल नाकामयाब हो गई है। गिलगित-बालिस्तान के लिए संघर्ष कर रहे गुट उत्साहित हैं और उन्होंने पाकिस्तानी हुकुमत के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

गिलगित-बालिस्तान के इलाके के सभी दलों को मिलाकर बनी आवामी एक्शन कमेटी ने पूरे इलाके में बंद का आयोजन किया। बंद को इतना समर्थन मिला कि बाजार, मॉल और दवा की दुकानें तक नहीं खुली। कमेटी ने पाकिस्तानी हुकुमत को ये अल्टीमेटम दे दिया है कि जब तक पाकिस्तानी सेना गिलगित-बालिस्तान से पीछे नहीं हटाई जाती ये बंद जारी रहेगा।

साथ ही ये भी बता दिया गया है कि चाइना-पाकिस्तान इकॉनामी कॉरिडोर भी बनने नहीं दिया जाएगा, क्योंकि ये चीनी और पाकिस्तानी व्यापारियों को लाभ देने के लिए बनाना जा रहा है और इससे गिलगित-बालिस्तान के लोगों को कोई फायदा नहीं।

सिर्फ एक दिन में प्रदर्शनों के इतने मुखर हो जाने के पीछे प्रधानमंत्री मोदी के बयान की भूमिका है और इस्लामाबाद में बैठी पाक हुकुमत ये समझ नहीं पा रही कि दमन के अलावा और क्या किया जाए, जिससे हालात काबू मे आ सके। भारत की तरफ से इस नए प्रयास पर पाकिस्तान बौखलाया हुआ है, क्योंकि चीन के साथ इस इलाके में उसके बड़े निवेश की योजना गिलगित-बालिस्तान के लोगों के प्रबल विरोध की वजह से खटाई में पड़ रही है।