'भूत' पकड़ने वाले इस शख्स की अदृश्य ताकत ने ले ली जान!

वरूण सिन्हा, नई दिल्ली (11 जुलाई): दिल्ली में एक शख्स ने खुदकुशी कर ली, जिसने कई सवाल खड़े कर दिए। दिल्ली के रहने वाले गौरव तिवारी ने अपनी मौत से पहले अपनी पत्नी से मौत के बारे में बात की। गौरव तिवारी ने बीवी से कुछ दिन पहले कहा था कि वो किसी अदृश्य ताकत के शिकंजे में आ रहे हैं। आज सुबह उनके फ्लैट से उनका शव निकला, जिसके बाद ये सवाल और गहरा गया।

अदृश्य ताकतों की तलाश में ये शख्स कहां-कहां नहीं भटका, आत्माओं को बुलाते वक्त भी इस शख्स का दिल कभी नहीं घबराया। बिना डर, बिना हिचक आत्माओं से इस शख्स ने बेखौफ बातें की। हर उस रहस्य को बेपर्दा करने की कोशिश की जो आम आदमी के लिए खौफ का सबब बने हुए थे, लेकिन जब बात अपने पर आई तो गौरव तिवारी खुद को संभाल नहीं पाए।

इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी के सीईओ गौरव तिवारी ने अपने घर में सुसाइड कर लिया, घर के बाथरुम की खूंटी पर चुन्नी से लटककर गौरव तिवारी ने अपनी जान दे दी। 32 साल के गौरव तिवारी अपनी हिम्मत और हौसले के लिए हिंदुस्तान भर में मशहूर थे, क्योंकि गौरव ने छोटी सी उम्र में ही पैरानॉर्मल एक्टिविटिज पर महारत हासिल कर ली थी। आखिर ऐसा क्या हुआ कि गौरव तिवारी को सुसाइड करना पड़ा या कह लें मजबूर होना पड़ा।

गौरव की रहस्यमयी मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसमें से एक सवाल ये भी है कि क्या गौरव को सुसाइड करने के लिए किसी आत्मा या निगेटिव एनर्जी ने मजबूर किया। ये सवाल इस लिए भी उठ रहा है कि गौरव ने कुछ दिन पहले ही अपनी पत्नी से किसी निगेटिव एनर्जी से परेशान होने का जिक्र भी किया था। सुसाइड से एक दिन पहले रात को पैरानॉर्मल एक्टिविटी में शामिल भी हुए थे।

इन सवालों के जवाब में छिपा है गौरव की मौत का राज:

1: क्या गौरव पर निगेटिव एनर्जी हावी हो गई थी ? 2: क्या गौरव को किसी बुरी आत्मा ने बस में कर लिया था ? 3: क्या गौरव तनाव या डिप्रेशन में थे ? 4: एक दिन पहले किस पैरानॉर्मल एक्टिविटी पर गए थे गौरव ?

आत्माओं की तलाश करने वाले गौरव तिवारी पैरानॉर्मल एक्सपर्ट के अलावा एक अच्छे पायलट थे। 6 हजार से ज्यादा डरावनी जगहों पर जा चुके थे। यूएफओ के रहस्य को लेकर गौरव तिवारी काम कर रहे थे, इसके बावजूद गौरव तिवारी ने सुसाइड क्यों किया ये किसी रहस्य से कम नहीं।

इंडियन पैरानॉर्मल सोसाइटी के सीईओ गौरव तिवारी की मौत से पूरा परिवार सकते में हैं तो आस-पास के लोग हैरान है। किसी को समझ नहीं आ रहा कि आखिर जो शख्स अदृश्य शक्तियों से नहीं डरता था, जिसे आसमानी ताकतों से सामना करने में महारत हासिल थी, जो शख्स आत्माओं से सीधे बातें करता था, इतना हिम्मती शख्स कैसे अपनी जिंदगी खुद ले सकता है।

गौरव तिवारी के केस को दिल्ली पुलिस सुसाइड का केस मान रही है लेकिन पैरानॉर्मल सोसाइटी से जुड़े लोगों इस बात से इत्तिफाक नहीं रखते। पैरानॉर्मल सोसाइटी के लोगों का कहना गौरव तिवारी की मौत के पीछे वो नकारात्मक शक्तिया हैं, जिन्होंने उन्हें खुद की जान लेने पर मजबूर कर दिया।

अब सवाल उठता है कि क्या सचमुच गौरव तिवारी पर नकारात्मक शक्तियां हावी हो गई थी, जिन्होंने उन्हें सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया। पैरानॉर्मल एक्टिवस्ट के तर्क गौरव तिवारी की पत्नी की उस बात का समर्थन कर रहे हैं जिसका जिक्र गौरव तिवारी ने एक महीने पहले अपनी पत्नी से खुद किया था। गौरव ने अपनी पत्नी से कहा था, ''मुझे नकारात्मक शक्तियां अपनी तरफ खींच रहीं हैं, मैं उन पर काबू करने की कोशिश कर रहा हूं, लेकिन काबू नहीं कर पा रहा।''

क्या होती हैं नकारात्मक शक्तियां:

हमारे आस-पास उर्जा का संचार होता रहता है। इन उर्जाओं में कुछ सकारात्मक उर्जा होती है जिसे दैवी शक्तियां या दिव्य आत्मा कहते हैं। ये आत्माएं हमारी मदद करती हैं। लेकिन कुछ अतृप्त आत्माएं भी होती है, जो हमें नुकसान पहुंचाने की कोशिश करती हैं। इन्हें बुरी आत्माएं, भूत-प्रेत और नकारात्मक उर्जा कहते हैं।

वीडियो:

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