कोर्ट में मासूम बेटे की जिद, फिर एक हुए 3 साल से अलग रह रहे मम्मी-पापा

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (08 जून): कभी-कभी बच्चे वो काम कर जाते हैं जो बड़े से बड़ों के बस में नहीं होता। ऐसा ही कुछ पिछले दिनों गाजियाबाद कोर्ट में देखने को मिला। यहां के साहिबाबाद इलाके में एक 5 साल का बच्चा अपने मां-बाप की जिद्द की वजह से अपने पिता के प्यार से महरूफ था। मां-बाप अपनी जिद्द और इगो की वजह से अलग-अलग रह रहे थे। पिछले 3 साल से तलाक के लिए कोर्ट का चक्कर लगा भी रहा था। बच्चा अपने मां के साथ रह रहा था। उसे मां ही नहीं बाप के प्यार की भी चाहत थी। लेकिन काफी छोटा होने की वजह से वो कुछ कर नहीं पा रहा था। इतना ही नहीं वो अपनी भावनाओं के वक्त नहीं कर पा रहा था। उसकी बात को समझने के लिए ना तो मां तैयारी थी और ना ही बाप।इस बीच गुरुवार यानी कल ये दंपति अपनी तलाक की अर्जी पर सुनवाई के लिए कोर्ट पहुंचे। मासूम अपनी मां के साथ कोर्ट पहुंचा। पिता को देखा और अपनी भावनाओं पर काबू खो बैठा। पिता के पास बात करने के लिए चला गया। सुनवाई के बाद दोनों घर जाने के लिए तैयार हुए। लेकिन मासूम ने पिता के साथ जाने की जिद ठान। मां ने उसे खूब डांट लगाया, आसपास के लोगों ने भी उसे खूब समझा। मगर वो अपनी जिद्द पर अड़ा रहा। उसे मां-बाप दोनों चाहिए था। वो दोनों का हाथ पकड़ कर और तेज आवाज ने रोने लगा। कोर्ट में थोड़ी देर के लिए अजीब सी स्थिति बन गई। इसके बाद कोर्ट में मौजूद लोगों ने दंपति को समझाया और बच्चे के भविष्य की खातिर सारे मतभेद भुलाकर फिर से एक साथ रहने की सलाह दी।थोड़ी देर के लिए बच्चे के मां-बाप को समझ में नहीं आया कि वो अब क्या करें। पिता ने मोर्चा संभाला। युवक ने पत्नी से सॉरी बोला और कहा कि अब वह कोई गलती नहीं करेगा, उसने पत्नी से साथ घर चलने की अपील की। महिला भी बच्चे के जिद्द के आगे बिवश नजर आई। काफी देर सोचने-विचार के बाद उसने भी हां कर दी। इसके बाद युवक पत्नी और बेटे के लिए आइसक्रीम लेकर आया। तीनों ने आइसक्रीम खाई और एक-दूसरे के गले मिले। इसके बाद महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर केस वापस लेने की पेशकश कर दी। हालांकि कोर्ट ने उनके प्रार्थना पत्र पर अभी कोई निर्णय नहीं लिया है।साहिबाबाद थाना क्षेत्र में रहने वाले एक युवक की शादी छह साल पहले लोनी में रहने वाली युवती के साथ हुई थी। शादी के करीब एक साल बाद दंपती को एक बेटा हुआ। इसके करीब दो साल बाद दोनों के बीच मनमुटाव हो गया जिसके बाद महिला अपने बेटे को लेकर अलग रहने लगी। महिला ने गुजारा भत्ता लेने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। वहीं, उसके पति ने बेटे की गार्जियनशिप लेने के लिए कोर्ट में मुकदमा दायर कर दिया। तभी से केस की सुनवाई कोर्ट में विचाराधीन है।