नोट बंदी: बैंक में जमा पैसे को ऐसे करें डबल

नई दिल्ली(5 दिसंबर):  नोट बैन के बाद से पुराने नोट के रूप में ज्यादा से ज्यादा कैश बैंकों में जमा कराना लोगों की पहली प्राथमिकता बन गई है। अभी अपनी बचत पर रिटर्न कितना मिलेगा, इस पर कम लोगों का ध्‍यान है। फिलहाल लोगों के सेविंग अकाउंट में पिछले 3 हफ्तों में काफी कैश डिपॉजिट हुआ है।

सरकार ने बैंक और एटीएम से विद्ड्रॉल की लिमिट भी तय कर दी है। वहीं बैंकों में भारी भीड़ हो रही है, जिससे आपकी बचत सेविंग अकाउंट में ज्यादा दिनों तक पड़ी रह सकती है।सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर कुछ बैंक 7 फीसदी तक की दर से इंटरेस्ट देते हैं तो वहीं कई बैंक इससे भी कम रिटर्न देते हैं। हम आपको यहां कुछ.कुछ उपाय बताने जा रहे हैं, जिसपर गौर कर आप अपनी सेविंग पर इससे कहीं ज्यादा रिटर्न और वह भी कम समय में पा सकते हैं।

आइए जानते हैं कि कि नोट बैन के बाद अपनी बचत पर आप ज्यादा से ज्यादा रिटर्न कैसे पा सकते हैं। कैसे आपका पैसा कम समय में डबल हो सकता है। 

पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट   रिटर्न: 7.8 फीसदी   बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं,  लेकिन फिलहाल डाकघर की बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कमी नहीं की गई है। इनवेस्टर्स को बैंक डिपॉजिट पर अभी मैक्सिमम 6 से 7 फीसदी ब्याज मिल रहा है। जबकि, डाकघर की जमा योजनाओं पर 7.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है। जबकि, डाकघर की जमा योजनाओं पर 7.8 फीसदी ब्याज मिल रहा है।

सरकारी ब्रॉन्ड्स में लगाएं पैसा   रिटर्न: 7.8 फीसदी   बैंक तो डिपॉजिट रेट घटाने में लगे हुए हैं,  लेकिन सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाना आपके लिए बैंक से बेहतर विकल्प हो सकता है।जहां बैंकों में 6 से 7 फीसदी तक ब्याज मिल रहा है, वहीं सरकारी बॉन्ड्स पर अभी 8 फीसदी ब्याज दर है।

बैंक FD   रिटर्न: 6.75 फीसदी से 7 फीसदी     सेविंग अकाउंट से पैसे निकालकर बेहतर जगह लगाना है तो फिक्स्ड डिपॉजिट बेहतर विकल्प है। खाता खोलें। एफडी पर मिलने वाले रिटर्न पर उन्हीं दरों के मुताबिक टैक्स लगता है, जिनके दायरे में इन्वेस्टर आता है। अगर आपकी सालाना आमदनी 10 लाख रुपए से ज्यादा है तो टैक्स कटने के बाद रिटर्न 5 फीसदी से कम रहेगा। अगर आपके पास नेट बैंकिंग अकाउंट है तो एफडी खोलना बेहद आसान है। ज्यादातर बैंक समय से पहले एफडी तोड़ने पर जुर्माना नहीं लगाते हैं। 

इनकम फंड्स   रिटर्न: 8 से 9 फीसदी   अगर आपको अगले एक साल तक एक मुश्‍त कैश की जरूरत न हो तो इनकम फंड में निवेश करना बेहतर विकल्प होगा। इसके तहत आप शॉर्ट टर्म,  मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म बॉन्ड्स में निवेश कर सकते हैं। जिस पर आपको 9 फीसदी तक रिटर्न मिल सकता है। हालांकि एक तय समय से पहले अगर आप इन्वेस्टमेंट भुनाने की कोशिश करते हैं तो आपसे 1 फीसदी तक पेनल्टी ली जा सकती है। यह तय समय 1 साल तक का हो सकता है। इसलिए शॉर्ट टर्म मीडियम टर्म और लॉन्ग टर्म स्कीम के बारे में पहले पता करना ठीक रहेगा