फेसबुक 'लाइक' बटन के इस्तेमाल के खिलाफ जर्मन कोर्ट ने दिया फैसला!

नई दिल्ली (10 मार्च): जर्मनी की एक अदालत ने एक ऑनलाइन शॉपिंग साइट की तरफ से फेसबुक के 'लाइक' बटन का इस्तेमाल करने के खिलाफ फैसला सुनाया है। जिससे जर्मनी में दुनिया के सबसे बड़े सोशल नेटवर्क के लिए एक और कानूनी अड़चन पैदा कर दी है।

रिपोर्ट के मुताबिक, डसलडोर्फ डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने कहा कि रिटेलर 'पीक एंड क्लोपेनबर्ग' ने यूजर्स के कम्प्यूटर आइडेंटिटीज़ को फेसबुक को ट्रांसफर करने से पहले उचित सहमति नहीं ली। जिससे जर्मनी के डेटा प्रोटेक्शन लॉ का उल्लंघन हुआ है और रिटेलर को एक कमर्शियल एडवांटेज मिला है।

कोर्ट ने नॉर्थ राइने-वेस्टफैलिया कन्ज्यूमर एसोसिएशन का पक्ष लिया है। जिसने शिकायत की थी कि पीक एंड क्लोपेनबर्ग के फैशन आईडी वेबसाइट ने यूजर डेटा को इकट्ठा कर इसे फेसबुक को भेजा है। ऐसा शॉपर्स के लाइक बटन पर क्लिक करने या ना करने का फैसला करने से पहले ही किया गया।  

कोर्ट ने कहा, "वेबसाइट के फुट पर केवल डेटा प्रोटेक्शन स्टेटमेंट का एक लिंक होना इस संकेत नहीं देता कि डेटा प्रोसेस किया जा रहा है या किया जाना है।" पीक एंड क्लोपेनबर्ग पर 2,50,000 यूरो का जुर्माना या मैनेजर को 6 महीनों के लिए हिरासत मे लिए जाने के लिए कहा है।

यह मामला जर्मनी के सुप्रीम कोर्ट की तरफ से जनवरी मे फेसबुक के फ्रैंड-फाइंडर फीचर के खिलाफ दिए आदेश के आधार पर दिया गया है। इसके अलावा पिछले सप्ताह जर्मनी के कम्पटीशन रेगुलेटर ने एक घोषणा की थी, कि यह फेसबुक के मार्केट पॉवर का संदिग्ध दुरुपयोग की जांच कर रहा है। जो कि डेटा प्रोटेक्शन लॉज़ से संबंधित है।

गौरतलब है, जर्मनी में दुनिया के सबसे ज्यादा कठोर डेटा प्रोटेक्शन कानून हैं। इसके अलावा जर्मन नागरिकों प्राइवेसी के मुद्दों को लेकर काफी गंभीर रहते हैं।