चीन की चाल नाकाम करने नेपाल और बांग्लादेश जायेंगे जनरल बिपिन रावत

नई दिल्ली (28 मार्च): पैसे के बल पर भारत के दोस्तों को खरीदने की चीन की नापाक चाल का नाकाम करने के लिए भारत के आर्मी चीफ बिपिन रावत नेपाल और बांग्लादेश की यात्रा पर जा रहे हैं। नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास की संभावना को लेकर भारत में चिंता है। पहले इसे फरवरी, फिर मार्च में संभावित बताया जा रहा था। भारत ने तेजी दिखाते हुए नेपाल के साथ 7 से 20 मार्च के बीच अपने सैन्य अभ्यास की तारीख तय कर ली। इस बीच नेपाल में 28 देशों का युद्ध अभ्यास शांति प्रयास-2 भी शुरू हो रहा है जो 7 अप्रैल तक चलेगा। अब नेपाल और चीन के बीच युद्ध अभ्यास टलने की चर्चा है। शनिवार को ही चीन के रक्षा मंत्री चांग वांकुआन की नेपाल यात्रा खत्म हुई है। वहां से मिली रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के रक्षा मंत्री ने नेपाल को मदद के तौर पर 20 करोड़ युआन देने की घोषणा की है। 


चीन चाहता है कि वह उसके मह्त्वाकांक्षी वन बेल्ट बन रोड प्रॉजेक्ट का भी हिस्सा बने। जनरल रावत मंगलवार से 31 तारीख तक नेपाल में रहेंगे। सूत्रों का कहना है कि दोनों देशों के बीच नेपाली सेना की क्षमता बढ़ाने औऱ सैन्य साजोसामान की बिक्री पर बातचीत होगी। नेपाल का ज्यादातर सैन्य साजोसामान भारत से ही सप्लाई होता रहा है। रावत नेपाल में वहां के आर्मी चीफ जनरल राजेंद्र छेत्री के अलावा प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल, राष्ट्रपति बिंध्य देवी भंडारी और वहां के रक्षा मंत्री से भी मिलेंगे। राष्ट्रपति के दफ्तर की ओर से बिपिन रावत को जनरल की मानद पदवी से सम्मानित किया जाएगा। जनरल रावत 31 मार्च को बांग्लादेश रवाना हो जाएंगे। गौरतलब है कि बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना 7 से 10 अप्रैल के बीच भारत में होंगी और इस दौरान रक्षा सहयोग पर सहमति पत्र पर दस्तखत होने के आसार हैं।