एयरो इंडिया 2019: सेना प्रमुख जनरल रावत ने 'तेजस' से भरी उड़न



न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (21 फरवरी):  स्वदेश में बने पहले लड़ाकू विमान तेजस में सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने गुरुवार को उड़ान भरी। बेंगलुरु में एयरो इंडिया 2019 के मौके पर आर्मी चीफ ने इस पर संक्षिप्त उड़ान भर देशी लड़ाकू विमान निरीक्षण किया। इस लड़ाकू विमान को भारत की सरकारी हथियार निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड ने तैयार किया है। फाइटर जेट में उड़ान से पहले जनरल बिपिन रावत ने मौके पर मौजूद अधिकारियों एवं दर्शकों का हवा में हाथ लहराकर अभिवादन किया। 




इससे पहले बुधवार को तेजस को मिलिट्री एविएशन रेग्युलेटर से फाइनल ऑपरेशन क्लियरेंस मिला था। अब इस लड़ाकू विमान को वायुसेना के बेड़े में शामिल किया जा सकेगा। इस क्लियरेंस का सर्टिफिकेज वायुसेना प्रमुख बीएस धनोओ को बुधवार को एयरोइंडिया शो में सौंपा गया था।



आपको बता दें कि तेजस को डीआरडीओ की ऐरोनॉटिकल डिवेलपमेंट एजेंसी ने डिजाइन किया है। इस एयरक्राफ्ट की कल्पना 1983 में की गई थी। हालांकि, यह प्रॉजेक्ट 10 साल बाद 1993 में सैंक्शन हुआ था। इसे हिंदुस्तान ऐरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है। तेजस की तैयारी के बारे में जब वायुसेना चीफ बीएस धनोआ से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'क्या आपने तेजस वायु शक्ति में परफॉर्म करते हुए नहीं देखा।' उन्होंने यह भी बताया कि तेजस अब पूरी तरह से ऐक्शन के लिए तैयार है।



धनोआ ने आगे कहा, 'यह बड़ी सफलता है कि हमें आज एलसीए MK 1 के लिए एफओसी मिल गया है। मैंने आपको पहले भी कहा है कि खाने का स्वाद कैसा है, यह खाने पर ही पता चलता है। आपने देखा कि एयरक्राफ्ट कितना उड़ सकता है। अप्रैल 2018 में आयोजित गगन शक्ति में भी इसका प्रदर्शन दिखा था। वायु शक्ति के दौरान हमने दिखाया कि यह एयरक्राफ्ट कितने सटीक निशाने पर हथियार गिरा सकता है। यही सबूत है।' 



एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा कि तेजस ना सिर्फ लगातार हमले करने में सक्षम है बल्कि यह सही निशाने पर हथियार गिराने की भी अचूक क्षमता रखता है। उन्होंने आगे कहा, 'क्योंकि यह एक फाइटर प्लेन है, इसे फाइटर की तरह ही काम करना होगा। इसने हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मोड में अच्छा काम किया है। पायलट्स भी इससे काफी खुश हैं।'