''गिरावट के बाद GDP में ग्रोथ बेहद उत्साहित करने वाला''

नई दिल्ली ( 30 नवंबर ): आर्थिक मोर्चे पर चौतरफा आलोचना झेल रही नरेंद्र मोदी सरकार के लिए राहत भरी खबर है। साल 2017-18 की दूसरी तिमाही में जीडीपी की विकास दर 6.3 प्रतिशत रही। यह आंकड़े जुलाई से सितंबर का है। पहली तिमाही में यह दर 5.7 प्रतिशत थी, जो लगभग तीन साल का सबसे निचला स्तर था। एक जुलाई को जीएसटी लागू होने के बाद जीडीपी विकास दर की यह पहली तस्वीर है। इससे पता चलता है कि जीएसटी के सकारात्मक नतीजे आने शुरू हो गए हैं।

चीफ स्टैटिस्टिशियन टीसीए अनंत ने कहा कि पांच तिमाहियों में गिरावट के बाद जीडीपी में ग्रोथ बेहद उत्‍साहित करने वाला है। उन्‍होंने आगे कहा, हमें उम्‍मीद है कि सेल्‍स टैक्‍स का इश्‍यू ज्‍यादा समय तक नहीं रह जाएगा।

उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद से मैनुफैक्चरिंग शुरू की गई। यह मैन्युफैक्चरिंग फेस्टिवल सीजन को ध्यान में रखकर भी की गई जिसका असर दूसरी तिमाही के जीडीपी ग्रोथ रेट पर देखने को मिला। तीसरी तिमाही के नतीजे भी अच्छे होंगे फेस्टिवल सीजन में खपत हो चुकी है। अब मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर प्रोडक्शन कर ब्लॉकिंग करेगा लिहाजा तीसरी तिमाही पर भी बढ़ी हुई ग्रोथ रेट देखने को मिलेगी।

अनंत के मुताबिक मुताबिक सबसे ज्यादा 7 प्रतिशत उछाल मैन्युफैक्चरिंग में रहा। इलेक्ट्रिसिटी, गैस एंड वाटर सप्लाई की वृद्धि दर 7.6 प्रतिशत और ट्रेड हॉस्टल, ट्रांसपोर्ट और कम्युनिकेशन 9.9 प्रतिशत की तेजी से बढ़े। उन्होंने कहा, हमें उम्मीद है कि सेल टैक्स के मुद्दे बहुत ज्यादा समय तक नहीं रहेंगे। हालांकि कंस्ट्रक्शन में गिरावट का दौर जारी है।