गायत्री प्रजापति: BPL से बीएमडब्ल्यू तक की कहानी...

नई दिल्ली (15 मार्च): अखिलेश सरकार में मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को लखनऊ से गिरफ्तार कर लिया गया है।

गायत्री पर रेप आरोप है और वह अभी तक पुलिस से छिपकर भाग रहा था। गायत्री प्रजापति अखिलेश सरकार में

ऐसे नेता है तो मात्र 14 साल में फर्श से अर्श तक पहुंच गया और सभी देखते रहे।

गायत्री प्रजापति के करियर का ग्राफ दस साल में फर्श से अर्श तक पहुंच गया। साल 2002 में वो बीपीएल कार्ड

धारक हुआ करते थे, लेकिन अब उनकी सम्पति 942 करोड़ पहुंच गई है। कुछ ख़बरों के मुताबिक करीबी 13

कंपनियों में उनके निर्देशक हैं। चुनावी हलफनामे में उनकी संपत्ति 10 करोड़ है, जबकि पिछली बार 1.83 करोड़

की घोषणा की थी।

प्रजापति का सियासी सफर...

सपा नेतृत्व गायत्री प्रजापति पर ख़ासा मेहरबान रहा। फरवरी 2013 में गायत्री प्रजापति सिंचाई राज्य मंत्री बने।

मुलायम की मेहरबानी से जुलाई में उनको स्वतन्त्र प्रभार खनन मंत्री पद से नवाजा गया। फिर तीसरी बार उन्होंने

जनवरी 2014 में शपथ ली जब उनको कैबिनेट मंत्री बनाया गया। बाद में उनको झटका तब लगा जब हाई कोर्ट

ने खनन विभाग में अनिमियताओं को लेकर सीबीआई जांच के आदेश दिए। अमेठी में अखिलेश यादव ने ना मंच

से प्रजापति का नाम लिया और ना ही उनकी ज़्यादा खुल के वकालत की।