गंभीर की नजर में भारत और इंग्लैंड हैं दूसरी फेवरेट

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (19 मई):  2011 का वर्ल्ड कप फाइनल में चेस करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही और सचिन और सहवाग जल्दी ही ऑउट हो गए। फस्ट डाउन पर खेलने उतरे गौतम गंभीर उस दिन सच में भारत के लिए 97 रनों की गंभीर पारी खेली और भारत को जीत दिलाने में अहम योगदान दिया। अब गंभीर ने क्रिकेट को अलविदा कह दिया है और राजनीति में आ गए हैं वो बीजेपी की टिकट से पूर्वी दिल्ली से चुनाव भी लड़ रहे हैं।

इस बार का वर्ल्ड कप इंग्लैंड और वेल्स में खेला जाएगा। इस बार की फेवरिट टीम के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ऑस्ट्रेलिया को अपनी फेवरिट टीम बताते हैं वो कहते हैं, मेरी पहली फेवरिट ऑस्ट्रेलिया है। उन्हें निश्चित तौर पर फाइनल में पहुंचना ही चाहिए और फाइनल में उनकी विरोधी टीम मेरे नजरिए से इंग्लैंड या भारत ही होंगी। ये दोनों संयुक्त रूप से मेरी दूसरी फेवरिट टीम हैं।

भारतीय टीम के बेहतर पछों के बारे में बात करते हुए गौतम गंभीर कहते हैं, जहां तक टीम की बैटिंग का सवाल है, रोहित शर्मा और विराट कोहली को बैटिंग में अपना भरपूर योगदान देना होगा। बोलिंग की बात करें, तो जसप्रीत बुमराह टीम के X-फैक्टर साबित होंगे। यह बेहद वर्ल्ड कप होगा और 6 देशों में इस खिताब के लिए कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलेगी। हर टीम को दूसरी सभी टीमों के खिलाफ खेलना होगा। हर टीम को यहां मजबूती से अपना खेल दिखाना होगा। किसी भी टीम के पास अपने किसी भी ग्रुप मैच में आराम करने का समय नहीं होगा।

गंभीर इंग्लैंड को अपनी दूसरी पसंदीदा टीम में रखते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए नहीं कि इंग्लैंड अपने घर पर खेलेगा। वह अब एक ऐसी टीम है, जिसने अपने खेल में सुधार किया है, उनके पास हर पॉजिशन पर क्वॉलिटी खिलाड़ी हैं। वे संतुलित हैं। इंग्लैंड की टीम जोफा आर्चर के साथ वर्ल्ड कप जरूर जाना चाहेगी। उनके टीम में चार वास्तविक ऑलराउंडर खिलाड़ी हैं। इनमें बेन स्टोक्स और मोईन अली सबसे खास होंगे।

वर्ल्ड कप में मात्र तीन से शतक चुक जाने के सवाल पर गौतम गंभीर ने कहा कि हमारा लक्ष्य वर्ल्ड कप जीतना था और मैं उसमें भरपूर योगदान करना चाहता था। मैंने यही किया और किसी और छोटे स्कोर से 97 रन कहीं ज्यादा बेहतर हैं। मैं अपने शतक के लिए 3 रन और नहीं बना इसका मुझे आज भी कोई मलाल नहीं है।