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राजनीति में आने की बात अफवाह, अभी कोई इरादा नहीं: गौतम गंभीर

इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सक्रिय राजनीति में उतरने की बात को गौतम गंभीर ने महज अफवाह करार दिया है। उन्होंने खुद के फिलहाल राजनीति से जुड़ने की अटकलों को खारिज किया और कहा कि वह क्रिकेट कोचिंग से जुड़ने के लिए तैयार हैं। भारत की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे 37 साल के गौमत गंभीर ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर अपने विदाई रणजी ट्रॉफी मैच में आंध्रप्रदेश के खिलाफ यादगार शतक जड़ा।

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 दिसंबर): इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद सक्रिय राजनीति में उतरने की बात को गौतम गंभीर ने महज अफवाह करार दिया है। उन्होंने खुद के फिलहाल राजनीति से जुड़ने की अटकलों को खारिज किया और कहा कि वह क्रिकेट कोचिंग से जुड़ने के लिए तैयार हैं। भारत की विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे 37 साल के गौमत गंभीर ने फिरोजशाह कोटला मैदान पर अपने विदाई रणजी ट्रॉफी मैच में आंध्रप्रदेश के खिलाफ यादगार शतक जड़ा। 

गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह 2019 के लोकसभा चुनाव में कहीं से कंटेस्ट करेंगे तो उन्होंने कहा, 'बिलकुल भी नहीं। इस तरह की अटकलें हैं जो मैंने भी सुनी हैं, ऐसा संभवत: इसलिए है कि मैं सामाजिक मुद्दे भी उठाता हूं। मेरे लिए ट्विटर हमेशा ऐसा मंच रहा है जो काफी महत्वपूर्ण है और जहां मैं सामाजिक मुद्दे उठा सकता हूं।' 

बाएं हाथ के भारत के इस पूर्व बल्लेबाज ने कहा, 'मैं इस तरह का इंसान नहीं हूं जो ट्विटर जैसे मंच पर भी मजाक शुरू कर दे। मेरे लिए इस देश का नागरिक होने के नाते सामाजिक मुद्दे उठाना मेरा अधिकार है और संभवत: यही कारण है कि लोगों को लगता है कि मैं राजनीति से जुड़ने वाला हूं। लेकिन ऐसा कुछ नहीं है। अब तक तो मैंने इसके बारे (राजनीति के) में सोचा भी नहीं है। 25 साल मैंने क्रिकेट के अलावा कुछ नहीं किया, इसलिए देखते हैं कि मैं क्या करूंगा।' गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह प्रतिस्पर्धी क्रिकेट में कोचिंग पद स्वीकार करने के इच्छुक है तो वह सकारात्मक नजर आए। 

उन्होंने कहा, 'जो चीज मुझे सबसे अधिक रोमांचित करती है वह एक्शन है और मुझे यकीन है कि एक्शन एसी कमरों में बैठकर कमेंट्री जैसी चीजें करना नहीं है। मुझे नहीं पता कि मैं खिलाड़ी जितना अच्छा कोच बन पाऊंगा या नहीं।' गंभीर से जब यह पूछा गया कि क्या वह कभी क्रिकेट प्रशासन से जुड़ेंगे तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया। अपना अंतिम प्रतिस्पर्धी मैच खेलने के बाद अपने सभी बल्ले को टीम के अपने साथियों को बांटने वाले गौतम गंभीर ने कहा, 'मैं सीधी बात करने वाला व्यक्ति हूं और मुझे नहीं लगता कि प्रशासन या कहीं और मुझे स्वीकार किया जाएगा।' गंभीर ने कहा कि वह दिल्ली क्रिकेट के युवा खिलाड़ियों की मदद करने के इच्छुक हैं।

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