कलबुर्गी और पंसारे की तरह ही मारी गईं गौरी लंकेश

नई दिल्ली(5 सितंबर): वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की मंगलवार शाम बेंगलुरु में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। बदमाशों ने मंगलवार को बेंगलुरु के राजाराजेश्वरी नगर स्थित उनके आवास पर घटना को अंजाम दिया। 

- गौरी ने लंकेश पत्रिका के जरिए 'कम्युनल हार्मनी फोरम' को काफी बढ़ावा दिया। लंकेश पत्रिका को उनके पिता ने 40 साल पहले शुरू किया था और इन दिनों वो इसका संचालन कर रही थीं।

- इससे पहले डॉ एमएम कलबुर्गी और डॉ पंसारे की भी हमलावरों ने हत्या की थी। 12वीं सदी के संत बश्वेश्वरा और रैशनजिल्म पर गौरी के विचार काफी हद तक कलबुर्गी जैसे ही थे।

- डॉ कलबुर्गी की भी उनके घर के दरवाजे पर हत्या कर दी गई थी। गौरी को हाल ही में बीजेपी और सांसद प्रहलाद जोशी से जुड़े एक मानहानि केस में दोषी ठहराया गया था।

- गौरी के पिता पी लंकेश एक पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर थे, जिन्होंने 1980 में लंकेश पत्रिका शुरू की थी। गौरी की उम्र 55 साल थी।

- गौरी की परिवार में उनकी बहन कविता लंकेश, भाई इंद्रेश और मां हैं। कविता लंकेश राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार विजेता हैं।