पंजाब के हेल्थ मिनिस्टर से सिर्फ 1700 वोट से हारा था यह गैंगस्टर

राजेश शर्मा, सोलन (2 मई): पंजाब का नामी गैंगस्टर, 15 से ज्यादा क्रिमिनल केस, एक-एक किडनैपिंग में वो सवा-सवा करोड़ वसूलता था। इतना ही नहीं जो उसके रास्ते में आया उसका खात्मा उसने खुद किया। गुनाह की दुनिया के साथ सियासत की दुनिया में भी वो आगे बढ़ रहा था, लेकिन एक सुबह उसके लिए मौत का फरमान लेकर आई। गैंगवार की शुरुआत करने वाला खुद उसका शिकार हो गया। पंजाब के हेल्थ मिनिस्टर से सिर्फ 1700 वोट से हारने वाला रॉकी गैंगस्टर मारा जा चुका है।

रॉकी ने एक शूटर के तौर पर गुनाह की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही वो सफेदपोशों की दुनिया में भी नाम कमाने वाला था। एक चुनाव भी लड़ चुके रॉकी के मर्डर से पंजाब में गैंग वार का सच सामने आ गया है, क्य़ोंकि रॉकी खुद इस गैंगवार का बड़ा खिलाड़ी था जिसे सोलन के पास गोली मार दी गई। पुलिस के मुताबिक शूटर पहले से ही सोलन के परवाणू के पास टिंबर ट्रेल पर रॉकी के इंतजार में थे। जैसे ही रॉकी की फॉर्च्यूनर टिंबर ट्रेल के मोड़ के पास धीमी हुई, एक के बाद एक गोलियां शूटर्स ने बरसा दीं। एक गोली रॉकी के सिर में लगी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। ड्राइवर भी इस हमले में घायल हो गया, हालांकि ड्राइवर ने गाड़ी तेजी से भगाई लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रॉकी दम तोड़ चुका था।

रॉकी के सिक्युरिटी गार्ड भी पीछे की गाड़ी में थे, जब तक वो आते तब तक रॉकी का काम-तमाम हो चुका था। पुलिस को शक है कि गैंगवार के चलते रॉकी का मर्डर हुआ है, क्योंकि शूटर्स पूरी तैयारी से आए थे। जिस गाड़ी से वो आए थे, उसका नंबर भी बदला हुआ था। रॉकी की हत्या के बाद फेसबुक पर एक एलान हुआ, जिससे साफ हो गया कि रॉकी को मारने के लिए उसके दुश्मन काफी वक्त से उसका पीछा कर रहे थे। फेसबुक पर एक, दो नहीं कई लोगों ने रॉकी की मौत का जश्न मनाया। उन्होंने फेसबुक पर रॉकी की मौत से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट कीं।

एक पोस्ट बठिंडा के शख्स ने की है, जिसमें रॉकी की खून से सनी गाड़ी और रॉकी की तस्वीर है। पोस्ट में पंजाबी में लिखा है, आज भाई शेरा का बदला पूरा हुआ, ये पड़ा रॉकी फाजिल्का। बड़ा बदमाश, हमारे साथ पंगा लेना महंगा पड़ा। यानि साफ है रॉकी के दुश्मन वो लोग हैं, जिनके किसी शेरा को रॉकी ने मारा होगा। पुलिस गैंगवार की इस गुत्थी को सुलझाने के सुराग जुटाने में लगी है।

पंजाब के फाजिल्का का जसविंदर सिंह उर्फ रॉकी, सियासत की दुनिया में आने से पहले गुनाह की दुनिया में काफी नाम कमा चुका था। रॉकी के नाम करीब 15 क्रिमिनल केस दर्ज थे। रॉकी पंजाब के नामी बदमाश प्रभजिंद्र उर्फ डिंपी का साथी रहा था। साल 2006 में रॉकी का नाम डिंपी के मर्डर में आया। रॉकी को डिंपी के मर्डर में गिरफ्तार भी किया गया था। रॉकी ने डिंपी के साथ मिलकर 1997 में वाराणसी के नंदकिशोर का अपहरण किया था। किडनेपिंग में रॉकी ने सवा करोड़ फिरौती भी वसूली थी। इतना ही नहीं बद्दी के सुभाष अग्रवाल किडनेपिंग में भी करीब 1 करोड़ वसूले थे। रॉकी का नाम विदेशी हथियारों की स्मगलिंग में भी था। रॉकी ने गुनाह के अलावा सियासत में भी किस्मत आजमाई थी और साल 2012 में बीजेपी के हेल्थ मिनिस्टर सुरजीत कुमार के खिलाफ चुनाव लड़ा था। सुरजीत से करीब 1700 वोट से रॉकी हार गया था। रॉकी का पंजाब में रसूख धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था।

रॉकी सिर्फ 34 साल का था। इस उम्र में वो गुनाह की दुनिया में काफी आगे बढ़ चुका था। दिमाग से शातिर रॉकी ने सियासत में आकर अपनी जिंदगी को एक दूसरे ट्रैक पर लाना चाहता था, लेकिन बीते वक्त में किए गुनाह कभी ना कभी अपना असर दिखाते हैं और यही रॉकी के साथ हुआ।