तेल का खेल: 50 करोड़ की कीमत का 5 करोड़ लीटर तेल चोरी, 31 गिरफ्तार

नई दिल्ली ( 25 जुलाई ): राजस्थान में पाकिस्तान की सीमा से सटे बाड़मेर जिले में देश के सबसे बड़े तेल भंडार से कच्चा तेल चोरी करने का अब तक का सबसे बड़ा मामला सामने आया है। शायद आप सुनकर चौंक जाएंगे कि अब तक अधिकारियों की नाक के नीचे ही 5 करोड़ लीटर यानी की करीब 50 करोड़ रूपये से भी अधिक का कच्चा तेल चोरी किया जा चुका है। जब इस मामले की पड़ताल शुरू हुई तो दस नहीं 20 नहीं, बल्कि पुरे 31 लोग पुलिस की गिरफ्त में आए, जबकि 100 से भी ज्यादा तेल माफियाओं को पुलिस ने नामजद किया है। यह तेल चोरी बाडमेर स्थित केयर्न इंडिया तेल क्षेत्र से की गई है जो की केंद्र सरकार के पेट्रोलियम और खान विभाग की कंपनी है और यह मामला इसलिए भी गंभीर है। देश से निकलने वाले क्रूड का एक चौथाई उत्पादन बाड़मेर की इसी जगह से हो रहा है।  

इस इलाके में जान बचाने के लिए सबसे जरूरी पानी के टैंकरों के जरिए कच्चे तेल की करीब सालों से तस्करी हो रही है। अब तक 5 करोड़ लीटर से भी अधिक कच्चा तेल तस्करी कर चुके हैं। तेल चोरी की लंबे समय तक मिल रही शिकायतों के बाद जब कंपनी को गड़बड़ी की आशंका हुई तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच के दौरान तेल चोरी के रैकेट का पता चला। यह बात भी सामने आई की तेल-अन्वेषण के दौरान डंपिंग साइट मंगला टर्मिनल प्रोसेसिंग ( एमपीटी) पर निकले सह-उत्पाद ( या कहे की प्रोड्यूस water) पानी को ले जाने के लिए कुछ ड्राइवरों को अधिकृत किया जाता है लेकिन ड्राइवर्स टैंकरों में पानी के बजाए तेल भरकर ले जा रहे थे। पानी के टैंकर्स में तेल ले जाने के दौरान वे जीपीएस को बंद कर देते थे, जिससे कि उन्हें ट्रैक ना किया जा सके।

केयर्न कंपनी के कुछ अधिकारियों, ट्रक ऑपरेटरों, क्रूड माफियाओं की मिलीभगत से पिछले 5 साल से क्रूड तेल चोरी के लिए गिरोह सक्रिय था, मामला इस मायने में भी बड़ा है कि प्रतिदिन करीब 1000 बैरल तेल 50 से अधिक टैंकरों से एमपीटी तक पहुंच रहा है। पकड़े गए टैंकर में तीस प्रतिशत चोरी थी। एेसे में यह गोरखधंधा बड़े स्तर पर होने पर प्रतिदिन लाखों की चपत लगने की बात कही जा रही है।