जवानों के अपमान पर देश का खून खौल रहा- एक थप्पड़ के बदले मरेंगे 100 जिहादी

डॉ. संदीप कोहली

नई दिल्ली (13 अप्रैल): कश्मीर में जवानों के साथ की गई बदसलूकी पर देश की जनता का खून खौल रहा है। क्या आम, क्या खास हर कोई इन देशद्रोहियों को सबक सिखाना चाहता है। जवान के साथ बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया में कमेंट की झड़ी लग गई है। ट्वीटर, फेसबुक पर लोग अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। क्रिकेटर गौतम गंभीर ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए देशद्रोही पत्थरबाजों को चेतावनी ही है। गंभीर ने लिखा कि जवानों पर एक-एक थप्पड़ के बदले मरेंगे 100-100 जिहादी, जिसको भी आजादी चाहिए, वो देश छोड़कर चला जाए, कश्मीर सिर्फ हमारा है। दूसरे ट्वीट में गंभीर ने लिखा भारत विरोधी भूल गए हैं कि हमारा झंडे के तीन रंगों का क्या अर्थ है। केसरिया- हमारे क्रोध की आग है, सफेद- जिहादियों के लिए कफन है, और हरा- आतंक के खिलाफ घृणा है। गौतम गंभीर के ट्वीट के बाद वीरेंद्र सहवाग और मोहम्मद कैफ ने भी ट्वीटर के जरिए अपना गुस्सा जाहिर किया।


किस बात को लेकर देशद्रोही पत्थरबाजों पर भड़के गौतम गंभीर-

    * कश्‍मीर में लगातार सेना और सुरक्षाबलों के जवानों को निशाना बनाया जा रहा है।

    * आतंकवादी से सुरक्षाबलों की मुठभेड़ के दौरान जवानों पर पत्थर फिंकवाए जाते हैं।

    * इसके बावजूद जवान धैर्य नहीं खो रहे, एक-एक आतंकी पर मौत बनकर टूटे रहे हैं।

    * पिछले दो दिनों से सोशल मीडिया पर जवानों का एक वीडियो वायरल हो रहा है।

    * जिसमें सीआरपीएफ के कुछ जवान श्रीनगर में एक पोलिंग बूथ से लौट रहे हैं।

    * चुनावी ड्यूटी से लौटते जवान को एक देशद्रोही पत्थरबाज लात मार रहा है।

    * वीडियो में ये देशद्रोही पत्थरबाजों 'इंडिया गो बैक' के नारे लगा रहे हैं

    * सीआरपीएफ जवानों के हाथ में बंदूक थी, चाहते तो गोली चला सकते थे।

    * लेकिन सीआरपीएफ जवान ने अपना धैर्य नहीं खोया और शांति से चलता रहा।

    * सोशल मीडिया पर इस सीआरपीएफ जवान की काफी तारीफ की जा रही है।

सोशल मीडिया पर लोगों का भड़का गुस्सा-

    * सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद लोगों का गुस्सा भड़क पड़ा है। क्या आम, क्या खास हर कोई इन देशद्रोहियों को सबक सिखाना चाहता है।

    * गौतम गंभीर- जिसको भी आजादी चाहिए, वो देश छोड़कर चला जाए, कश्मीर सिर्फ हमारा है।

    * वीरेंद्र सहवाग- ट्वीट कर वीडियो शेयर करते हुए कहा- इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता। हमारे जवानों के साथ ऐसा नहीं कर सकते, अब ये बंद हो जाना चाहिए, ये बदतमीजी की हद है।

    * मोहम्मद कैफ- जवानो पर हमले का वीडियो देखकर व्याकुल हूं। जो हमलावर ये सोच रहे हैं वो बेहद बेवकूफ हैं की हमारे सीआरपीएफ जवानों का संयम उनकी कमजोरी है।

    * तहसीन पूनावाला- CRPF जवान पर हुए हमले पर गंभीर की बात से सहमत हूं, कश्मीर का कोई भी मुद्दा हो हम लोगों को वर्दी में नहीं मार सकते, ये गवारा नहीं।


आम जनता भी गुस्से में-

    * @imSainkee- एक आतंकी मारा जाये तो इतना हो हल्ला होता हैं , हमारे crpf के जवान लतियाये जा रहे हैं कौन दोषी हैं इसके लिए

    * @SunilSararDubey- कश्मीर में जवान को जिहादी पत्थरबाजों से पिटता नहीं देखा जाता। @HMOIndia कुछ करे या त्यागपत्र दे।

    * @anandsiddy- अब तो हद हो गयी है बर्दाश्त की आखिर कब तक भकटे हुए नौजवान कह कर टालते रहेंगे और कब ये जवान के साथ ये चलता रहेगा ।

    * @Ajaykum1370-  हमारे सीआरपीएफ जवान को लात घूंसे थप्पड़ बरसाए जा रहे हैं तो आखिरकार यह सब पार्टियां एकजुट होकर क्यों नहीं विरोध करती।

    * @AtulDub780074- वीडियो देखकर खून खौल रहा है न जाने वो CRPF के जवान कैसे बर्दास्त करे, ऐसे देशद्रोहियों को गोली मार देनी चाहिए।

    * @suryasensingh1- हमारे जवान को सरेआम लात-घुसे से मारा जा रहा है देश की सरकार चुप बैठे ये बेहद गलत है जायज नहीं ठहराया जा सकता।

    * @SushilK573401130- CRPF जवानों पर थप्पड़ का जवाब कब मिलेगा। पैलेट गन् से कार्रवाई हो। जय जवान, जय किसान।

    * @311Sanaikumar- कश्मीर में जवान के साथ बदसुलूकी एक घटिया मानसिकता का प्रदर्शन है। सैलाब में यही फ़ौज मसीहा बनकर आई थी।

    * @Tiwari_jii- बहुत ही शर्म का विषय है, अलगाववादियों के लिए आवाज़ उठाने वाले, देश की रक्षा के लिए तैनात CRPF जवान के लिए कुछ नहीं बोल रहे।


गृहमंत्री ने लोकसभा में कहा था कश्मीर में हिंसा भड़का रहा पाकिस्तान- गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने लोकसभा में खुलासा किया पत्थरबाजों के पीछे पाकिस्तान का हाथ है। गृहमंत्री ने बताया एंटी टेरर ऑपरेशंस के दौरान आतंकियों को भगाने की कोशिश की जाती है। कोशिश पाकिस्तान में बैठे कुछ ग्रुप्स कर रहे हैं जो युवाओं को पत्थर फैंकने के लिए उकसा रहे हैं। ये पाकिस्तानी ग्रुप्स भीड़ इकट्ठा करने के लिए सोशल मीडिया के प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं। राजनाथ ने कहा कि कश्मीर के युवाओं को पाकिस्तान के ग्रुप्स द्वारा गुमराह किया गया है। उन्होंने कश्मीर के युवाओं से अपील की कि वे पाकिस्तानी ताकतों के प्रभाव में न आएं।साथ ही गृहमंत्री ने कहा आतंकवाद से जैसे निपटना चाहिए, वैसे हमारे जवान निपटेंगे।


आर्मी चीफ ने भी कहा था पत्थर चलाओगे तो गोली खाओगे- शांत कश्मीर को अशांत करने वाले पत्थरबाजों को सेना प्रमुख जनरल बिपिन रावत ने 16 फरवरी को कड़ी चेतावनी दी थी। सेना प्रमुख ने साफ-साफ शब्दों में कह दिया है कि कश्मीर में अगर पत्थर चलाओगे तो गोली खाओगे। जनरल रावत कि ये कड़ी चेतावनी घाटी में उन लोगों के लिए भी है, जो आतंकियों के खिलाफ सेना के ऑपरेशन में बाधा डालते हैं। ये मुठीभर आतंकियों के मददगार पत्थरबाज आम कश्मीरियों की आड़ में उतर आते हैं। जिसकी वजह से जवानों को एक अजीबोगरीब हालात से जूझना पड़ता है।


जम्मू-कश्मीर के डीजीपी पत्थरबाजों को दे चुके हैं चेतावनी- गृहमंत्री से पहले जम्मू-कश्मीर पुलिस के डीजीपी एसपी वैद भी यह बात दोहरा चुके हैं। डीजीपी ने युवाओं से अपील की थी कि वे एनकाउंटर वाली जगहों से दूरी बनाए रखें। पाकिस्तान की शह पर युवाओं को मुठभेड़ की जगहों पर जाने के लिए उकसाया जा रहा है। डीजीपी ने कहा कि बंदूक से निकली गोली यह नहीं देखती कि वह किसे लगेगी।  जो नौजवान एनकाउंटर साइट पर आ रहे हैं वे जानबूझ कर आत्महत्या करने जा रहे हैं।


कैसे कश्मीरी युवाओं को भड़काती है पाक खुफिया एजेंसी ISI

कश्मीर में पाकिस्तान और ISIS के झंडे लहराना, आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान सेना पर पत्थर फिकवाना यह सब हो रहा है पाकिस्तान की शह पर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने आतंकी संगठनों का साथ मिलकर घाटी को जलाने की साजिश रची है। इसमें उसका साथ दे रहे हैं कश्मीर के कुछ देशद्रोही अलगाववादी संगठन। ये अलगाववादी जो ना तो 'कश्मीरियत' में यकीन करते हैं और ना ही जम्हूरियत और इंसानियत में। इनका मकसद होता है सिर्फ और सिर्फ घाटी के युवाओं को हिंसा के लिए भड़काना ताकि ये अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकते रहें। इसके लिए इन देशद्रोहियों को मिलता है पाकिस्तान से पैसा। इस काले पैसे के दम पर ये अलगाववादी कश्मीर के गरीब और युवा बेरोरगारों को भड़काते हैं। पिछले साल NIA ने अपनी जांच में यह खुलासा किया था कि इन अलगाववादियों को 2015 में पाक से 38 करोड़ रुपए की फंडिंग हुई थी। इस बार इन अलगाववादियों का मकसद घाटी में हिंसक माहौल पैदा कर पंचायत चुनाव को टलवाना था।


    * पत्थरबाजों के प्रति बरती जा रही नरमी सुरक्षा बलों पर भारी पड़ रही है।

    * आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा में कई पत्थरबाज हुए थे गिरफ्तार।

    * पांच माह तक कश्मीर में उपद्रव के दौरान गिरफ्तार अधिकांश पत्थरबाज रिहा हो चुके हैं।

    * कम उम्र के 4506 पत्थरबाजों से मुकदमे वापस लेने की प्रक्रिया जारी है।

    * लेकिन इस बीच ताजा हिंसा में सुरक्षा बलों के 100 से अधिक जवान घायल हो गए।

    * अभीतक पत्थरबाजी के कारण 6 हजार से ज्यादा जवान घायल हो चुके हैं।

    * सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 2016 में हिंसा की 3,404 वारदातें दर्ज की गईं।

    * आंकड़ों के मुताबिक 2016 में आगजनी की 267 वारदातें हुईं थी।

    * कश्मीर में पत्थरबाजी की 2,690 वारदातें रिकॉर्ड की गईं।

    * नॉर्थ कश्मीर में 1248, साऊथ और सेंट्रल कश्मीर में 875 और 567 रिकॉर्ड हुई।

    * बारामूला के सोपोर में पथराव की 490 वारदातें हुईं।