गंगा नदी पर शीघ्र दौड़ेंगे ऐसे 'विमान'!

लखनऊ (9 फरवरी) क्या वाराणसी और कोलकाता के बीच गंगा नदी पर एम्फीबियस एयरक्राफ्ट दौड़ते देखना निकट भविष्य में मुमकिन होगा?  केंद्रीय सड़क परिवहन, राजमार्ग, शिपिंग मंत्री नितिन गडकरी के मुताबिक इन दोनों शहरों के बीच पानी पर उतरने वाला विमान चलाना उनका लक्ष्य है। गडकरी ने सोमवार को यहां बीजेपी की ओर से आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि जैसे ही मोदी सरकार के पांच साल पूरे होंगे, अविरल और निर्मल गंगा का सपना भी पूरा होगा। यह कार्यक्रम मोदी सरकार के सुशासन विषय पर था।  

गडकरी ने कहा कि उनका लक्ष्य नदियों पर वाटरवेज़ तैयार करने का है। संसद ने ऐसे पांच इनलैंड वाटरवेज़ तैयार करने की अनुमति दी है। इनमें गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियां शामिल हैं। लक्ष्य ऐसे 111 वाटरवेज़ तैयार करने का है। गडकरी ने कहा कि फरक्का से पटना के बीच 620 किलोमीटर लंबा इनलैंड वाटरवे 6 महीने में तैयार हो जाएगा।  

गडकरी के मुताबिक दो साल में इलेक्ट्रिक बाइक, बस और कार बाजार में उतारने का लक्ष्य है। इन्हें लीथियम आयन बैटरी से संचालित किया जाएगा। इस बैटरी का उपयोग उपग्रह और राकेट भेजने में होता है लेकिन अब इसी बैटरी से बाइक और कार चलेगी। ऐसी ही एक इलेक्ट्रिक बस अभी संसद को दी गई है।

गडकरी ने कहा कि केन्द्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार आने से पहले हर रोज दो किलोमीटर सड़क निर्माण होता था, जो अब बढ़कर 18 किलोमीटर प्रतिदिन हो गया है। इसे 30 किलोमीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य है।

गडकरी ने कहा कि देश में पांच हजार ऐसे संस्थान बनेंगे, जहां ड्राइविंग लाइसेंस, फिटनेस से लेकर प्रदूषण प्रमाणपत्र मिलने की सुविधा होगी और इससे एक लाख लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों को सौर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे, जो उन्हें सिंचाई में मदद देगा। इससे किसानों की समस्याएं दूर होंगी और वे आत्महत्या करने पर मजबूर नहीं होंगे। उन्होंने बताया कि रामेश्वरम से श्रीलंका तक समुद्र के भीतर सुरंग बनाकर यातायात शुरू करने का लक्ष्य है। बद्रीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में नयी पक्की कंक्रीट सडकें बनायी जा रही हैं ताकि वहां भूस्खलन और हादसे नहीं होने पाए।