पुतिन की बेटी से अपने बेटे की शादी करवाना चाहता था गद्दाफी

नई दिल्ली (2 जनवरी): मुअम्मर अली गद्दाफी को नहीं मालूम था कि एक दिन उसका पतन हो जायेगा और वो एक दिन अपने ही बसाये गये शहर में उसके साथ दुश्मन की तरह बर्ताव किया जायेगा। लेकिन गद्दाफी को अमरीका और नाटो की हरकतों पर अंदेशा हमेशा रहता था। वो अमरीका और नाटो के खिलाफ एक नया और मजबूत मिलिट्री एलायंस बनाना चाहता था।

'इंग्लिशडॉटअलअरेबियाडॉटेनट' के मुताबिक गद्दाफी की इस योजना में रूस सबसे बड़ा साझीदार हो सकता था। इसलिए गद्दाफी ने रूस के राष्ट्रपति के साथ पारिवारिक सम्बंध बनाने की कोशिश की थी। गद्दाफी ने पुतिन से बाकायदा उनकी एक बेटी का हाथ मांगा था। उसने कहा था कि वो अपने दूसरे बेटे सैफ-अल-इस्लाम के लिए रिश्ता करना चाहता है। पुतिन बहुत सावधानी से गद्दाफी को यह कह कर इंकार कर दिया कि बच्चों की निजी जिंदगी में वो दखल नहीं देना चाहते और उनकी बेटियां सैफ-अल-इस्लाम या मुस्लिम धर्म के बारे में कुछ जानती भी नहीं हैं। इसलिए यह सम्बंध मुश्किल है।

हालांकि पुतिन के इस जवाब से गद्दाफी को निराशा हुई, मगर उसने रूस के साथ संबंधों में कोई खटास नहीं आने दी। लीबिया की राजधानी त्रिपोली में गद्दाफी को नाटो समर्थक विद्रोहियों ने बहुत अपमान जनक तरीके से मौत के घाट उतार दिया था। कुछ दिन बाद विद्रोहियों ने सैफ-अल-इस्लाम को भी गिरफ्तार कर लिया था। ऐसी खबरें हैं कि सैफ अब भी विद्रोहियों के कब्जे में है।