जी-20 शिखर सम्मेलन: जापान में मिले मोदी और ट्रंप, बोले- हम काफी अच्छे दोस्त, साथ मिलकर करेंगे काम

trump-modi न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (28 जून): जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान जापान के ओसाका अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच मुलाकात हुई। इस मुलाकात के दौरान दोनों नेताओं द्विपक्षीय समेत कई अंतर्राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की। मुलाकात के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने एकबार फिर प्रधानमंत्री मोदी को जीत की बधाई दी। इस पर पीएम मोदी ने कहा कि आपने जीत की बधाई दी, आपका भारत के प्रति प्यार है, उसके लिए आभारी हूं। समय की सीमा में जो चार विषयों पर चर्चा करना चाहूंगा वो ईरान, 5जी, द्वीपक्षीय और रक्षा संबंध है। इस दौरान इन दोनों नेताओं की जापानी पीएम शिंजो आबे के साथ भी बैठक हुई।

मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी से कहा, 'आपको आम चुनावों में जीत की बधाई। आप इस जीत के योग्य हैं। आप शानदार काम कर रहे हैं। मुझे याद है जब आप पहली बार चुनाव जीते थे, तो कई सारे दल थे जो आपस में लड़ रहे थे। इस बार वे एक साथ मिलकर आए। यह आपकी अद्भुत क्षमता का नमूना है। साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, 'भारत के साथ रिश्ते बेहतर हुए हैं। हम भारत के साथ अमेरिका की दोस्ती को एक नई ऊंचाई पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मैं और पीएम मोदी अच्छे दोस्त बन गए हैं। दोनों देश कभी इतने करीब नहीं थे। मैं इस बात को दावे के साथ कह सकता हूं। हम मिलिट्री सहित अन्य कई क्षेत्रों में साथ मिलकर काम करेंगे। यहां हमारे बीच भारत के साथ व्यापार को लेकर बातचीत होगी।'

वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि 'लोकतंत्र और शांति के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा मंत्र सबका साथ-सबका विकास का है। हम मेक इन इंडिया के मंत्र के साथ आगे बढ़ रहे हैं। भारत के प्रति प्यार जताने के लिए आपका आभारी हूं। अमेरिका-भारत द्विपक्षीय वार्ता के बाद विदेश सचिव विजय गोखले ने बताया कि एस-400 मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। ईरान को लेकर प्राथमिक तौर पर ध्यान में यह बात पर थी कि हम वहां स्थिरता कैसे सुनिश्चित करते हैं, क्योंकि अस्थिरता हमें कई तरह से प्रभावित करती है, न केवल ऊर्जा जरूरतों के मामले में, बल्कि खाड़ी में बड़े पैमाने पर प्रवासी भारतीय रहते हैं। 

साथ ही विदेश सचिव विजय गोखले ने अमेरिका-भारत-जापान त्रिपक्षीय वार्ता पर बताया कि इसमें मुख्य मुद्दा इंडो-पैसेफिक था। चर्चा इस बात पर भी हुई कि तीनों देशों के बीच कैसे कनेक्विटी को बढ़ावा दिया और बुनियादी ढांचे को कैसे मजबूत किया जाए। इसके अलावा, शांति और सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदर्भ में एक साथ काम करने को लेकर भी बातचीत की गई।