जापान के ओसाका पहुंचे पीएम मोदी, जी-20 सम्मेलन में लेंगे हिस्सा

PM MODI न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 जून): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जापान के ओसाका पहुंच गए हैं। पीएम यहां आयोजित हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। ओसाका पहुंचने पर उनका जोरदार स्वागत किया गया है। इस दौरान भारतीय समुदाय के लोगों ने भी पीएम मोदी का स्वागत किया। ओसाका में होटल में पीएम के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग भी पहुंचे थे। पीएम ने भारतीयों का अभिवादन किया। 

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ओसाका में आज से 29 जून तक तक जी-20 देशों की बैठक चलेगी। भारतीय समयानुसार आज शाम 5 बजे मोदी, जापान के पीएम से मिलेंगे। इसके अलावा आज शाम को मोदी का भारतीय समुदाय के लोगों से भी मुलाकात करने का कार्यक्रम है। बताया जा रहा है कि सम्मेलन से इतर पीएम मोदी मित्र देशों के नेताओं से भी मुलाकात करेंगे। सूत्रों का कहना है कि पीएम मोदी जापान के पीएम शिंजो अबे, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ त्रिपक्षीय बैठक भी कर सकते हैं।

जी-20 सम्मेलन के लिए रवाना होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा- मैं अन्य वैश्विक नेताओं के साथ हमारी दुनिया के सामने मौजूद प्रमुख चुनौतियों और अवसरों पर चर्चा करने के लिए उत्सुक हूं। महिला सशक्तीकरण, डिजिटलाइजेशन और जलवायु परिवर्तन जैसी प्रमुख वैश्विक चुनौतियों का समाधान हमारी इस बैठक का मुख्य मुद्दा होगा। पीएम मोदी ने एक और ट्वीट किया और उन्होंने बताया कि वह ओसाका पहुंच गए हैं। उनके ट्वीट के मुताबिक, जापान में भारतीय समुदाय ने पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।

गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के बीच चल रही ट्रेड वार और ईरान के साथ चल रहे तनाव के युद्ध में बदलने का खौफ, ये दो मुद्दे यहां शुरू हो रहे जी-20 देशों के शिखर सम्मेलन के दौरान छाये रह सकते हैं। विश्व के 20 अग्रणी देशों के नेताओं की मौजूदगी वाले सम्मेलन में उत्तर कोरिया और वेनेजुएला में गर्माता माहौल तथा धीमी होती वैश्विक अर्थव्यवस्था भी शीर्ष एजेंडे में शामिल रहेगी। लंबे समय से चल रही ट्रेड वार में पिछले सप्ताह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह कहते नरमी दिखाई थी कि वह चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ फोन पर अच्छी बातचीत के बाद वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं। जिनपिंग ने भी ट्रंप से कहा था कि आपस में सहयोग से चीन और अमेरिका दोनों लाभ में रहेंगे और लड़ने से दोनों को नुकसान ही होगा। विशेषज्ञ भी शनिवार को संभावित दोनों नेताओं की इस वार्तासे बेहद उम्मीद लगा रहे हैं।

अमेरिका स्थित सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज के आर्थिक विशेषज्ञ मैथ्यू गुडमैन के मुताबिक, राष्ट्रपति ट्रंप सौदेबाजी पसंद करते हैं। ऐसे में वह किसी समझौते पर सहमत हो सकते हैं। तीन महीने में यह समझौता हो सकता है। एशिया-पैसेफिक आर्थिक सहयोग (एपेक) की पॉलिसी सपोर्ट यूनिट के निदेशक डेनिस ह्यू का कहना है कि यदि दोनों में समझौता नहीं होता है, तो यह सभी के लिए खराब होगा।