जी-20 समिट में PM मोदी ने दुनिया को दिया आतंक से निपटने का 10 मंत्र

हैम्बर्ग (7 जुलाई): जर्मनी के हैम्बर्ग शहर में आयोजित जी20 सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवादियों के खात्मे के लिए पूरी दुनिया को 10 मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि मौजूदा वक्त में आतंकवाद दुनिया के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और इससे निपटने के लिए पूरी दुनिया को एकजुट होना होगा। उन्होंने ने जी20 देशों से आतंकवाद के लिए धन के रास्तों, उनकी सुरक्षित पनाहगाह और उन्हें समर्थन तथा उन्हें प्रायोजित करने वालों के खिलाफ सामूहिक रूप से कारवाई करने का आह्वान किया।

पीएम मोदी ने इसके साथ ही ब्रिक्स देशों के नेताओं को भी आतंकवाद से लड़ने और वैश्विक अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने जी20 शिखर सम्मेलन के अवसर पर यहां ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के नेताओं के साथ अनौपचारिक बैठक में सतत वैश्विक आर्थिक वृद्धि के लिए आपस में मिलकर काम करने पर जोर दिया।

आतंक से निपटने का 'मोदी मंत्र'...

1. आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ निवारक कार्रवाई अनिवार्य है। ऐसे देशों के अधिकारियों का G-20 सम्मेलन में प्रवेश पर प्रतिबंध जरूरी

2. संदिग्ध आतंकवादियों की सूची का जी20 देशों के बीच लेन-देन और नामांकित आतंकवादियों और उनके समर्थकों के खिलाफ साझी कार्रवाई जरूरी

3. आतंकवादियों से संबंधित प्रभावकारी सहयोग के लिए कानूनी प्रक्रिया जैसे कि प्रत्यर्पण को सरल और ज्यादा तेज गति का बनाना

4. अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद पर व्यापक सम्मेलन को शीघ्र अपनाया जाना

5. यूनाइटेड नेशन सिक्यॉरिटी काउंसिल रेजॉल्यूशन तथा अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करना

6. कट्टरता के खिलाफ कार्यक्रमों पर जी20 द्वारा साझा प्रयास और सबसे अच्छी प्रयासों का लेन-देन

7. एफएटीएफ (वित्तीय कार्रवाई टास्क फोर्स) तथा अन्य प्रक्रियाओं द्वारा आतंकियों को वित्तीय मदद वाले स्रोत और माध्यमों पर प्रभावशाली प्रतिबंध

8. एफएटीएफ की तरह ही हथियारों पर रोक के लिए वेपंस ऐंड एक्प्लोसिव ऐक्शन टास्क फोर्स (WEATF) का गठन, ताकि आतंकवादियों तक पहुंचने वाले        हथियारों के स्रोतों को बंद किया जा सके

9. जी-20 देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों पर केंद्रित साइबर सिक्यॉरिटी क्षेत्र में ठोस सहयोग

10. जी-20 में आतंकवाद से मुकाबले के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के एक तंत्र का गठन