G20 में पीएम मोदी ने कहा- आज आतंकवाद सबसे बड़ी चुनौती, पेश किया आतंक रोधी 11 सूत्रीय एक्शन एजेंडा


नई दिल्ली (7 जुलाई): प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी20 को संबोधित करते हुए आतंकवाद पर भी बात की। उन्होंने कहा कि ग्लोबल इकॉनमी और आतंकवाद के नियम मामले में इसे नेतृत्व दिखाने की जरूरत है। 


जर्मनी में G-20 सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंचे पीएम मोदी ने आतंकवाद को इस समय के सबसे गंभीर मुद्दों में से एक बताया। पीएम मोदी ने जी-20 सम्मेलन में अपनी बात रखते हुए आतंकवाद को सबसे बड़ी चुनौती बताया और इस विषय को चुनने के लिए जर्मनी की चांसलर एंगेला मर्केल की तारीफ की। इस दौरान पीएम ने कहा कि आतंक के खिलाफ कार्रवाई से पहले इसे समझना होगा। पीएम ने कहा, 'मिडल ईस्ट में दाएश, अल-कायदा, दक्षिण एशिया में लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद, हक्कानी नेटवर्क और नाइजीरिया में बोको हरम आज के आतंकवाद के कुछ नाम हैं, लेकिन इनकी मूलभूत विचारधारा सिर्फ नफरत और नरसंहार है।' पीएम ने कहा कि आतंकी साइबर स्पेस का इस्तेमाल आज की युवा पीढ़ी को भ्रमित करने और अपने संगठनों में उनकी भर्ती के लिए कर रहे हैं।

इस दौरान पीएम ने पाकिस्तान का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ देशों द्वारा आतंकवादियों को राजनीतिक उद्देश्य की पूर्ति के लिए प्रयोग किया जाता है। पीएम ने कहा कि रेस्पॉन्स की दृष्टि से देशों का नेटवर्क कम है, लेकिन आतंकी ज्यादा नेटवर्क से जुड़े हैं।


उन्होंने कहा कि आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और ऐसे देशों के अधिकारियों का जी20 देशों में प्रवेश पर प्रतिबंध लगे। उन्‍होंने कहा, “हिंसा और आतंकवाद की बढ़ती ताकत ने चुनौती खड़ी कर दी है। कुछ देश हैं जो इसे राष्‍ट्रीय नीति के रूप में इस्‍तेमाल कर रहे हैं। वास्‍तव में, दक्षिण एशिया में एक ही देश है जो हमारे क्षेत्र के देशों में आतंक फैला रहा है। आतंकी, आतंकी होता है। आतंकवाद के समर्थन करने वालों को अलग किया जाए और उन पर प्रतिबंध लगाए जाए। मैं अंतरराष्‍ट्रीय समुदाय से अपील करता हूं कि एक होकर आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। आतंकवाद के खिलाफ भारत की जीरो टॉलरेंस की नीति है, क्‍योंकि इससे कम हमें कुछ भी पर्याप्‍त नहीं है।”


शनिवार को शिखर सम्मेलन का समापन सत्र होगा। इसके बाद जी-20 नेताओं की ओर से संयुक्त बयान जारी किया जाएगा।


साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-20 देशों के राष्ट्रध्यक्षों और प्रतिनिधियों के सामने आतंकवाद को रोकने के लिए 11 सूत्रीय एक्शन एजेंडा भी रखा। इस एजेंडे पर आम सहमति बन सकती है।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 सूत्रीय एक्शन एजेंडे के खास बिंदु:

1- आतंकवाद का समर्थन करने वाले देशों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई अनिवार्य। ऐसे देशों के अधिकारियों का जी-20 देशों में एंट्री पर प्रतिबंध जरूरी।


2- संदिग्ध आतंकवादियों की लिस्ट का जी-20 देशों के बीच अदलाबदली। ऐसे आतंकवादियों और  उनके समर्थकों के खिलाफ साझी कार्रवाई हो।


3- आतंकवादियों से संबंधित प्रभावकारी सहयोग के लिए लीगल प्रोसेस को आसान बनाना, ताकि उनका प्रत्यर्पण किया जा सके।


4- इंटरनेशनल टेररिज्म पर कॉम्प्रहेंसिव कंवेशन को तुरंत लागू किया जाए।


5- युनाइटेड नेशंस सिक्यूरिटी कॉउंसिल रिजोल्यूशंस तथा अन्य अंतर्राष्ट्रीय प्रक्रियाओं का प्रभावी इंप्लीमेंटेशन।


6- अतिवाद रोधी कार्यक्रमों पर जी-20 देशों द्वारा साझे प्रयास की रणनीतियों को आपस में साझा करना।


7-FATF तथा अन्य प्रक्रियाओं द्वारा आतंकवादियों को मिलने वाली मदद और उनके सोर्स को खत्म करना।


8- FATF की तरह एक वेपंश और एक्सप्लोसिज एक्शन टास्क फोर्स(WEATF) का गठन किया जाए, ताकि आतंकवादियों तक पहुंचने वाले खतरनाक हथियाओं के स्रोतों को बंद किया जा सके।


9- जी-20 देशों के बीच आतंकवादी गतिविधियों पर केंद्रित साइबर सिक्योरिटी क्षेत्र में ठोस सहयोग।


10- जी-20 में आतंकवाद पर रोक के लिए सभी देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच तालमेल बढ़ाना।


11-जी-20 के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के बीच तालमेल को लेकर ठोस कदम उठाना।


गौरतलब है कि जी-20 दुनिया के 20 ताकतवर देशों का समूह है। इन देशों के बीच व्यापार, रक्षा, आतंकवाद जैसे मुद्दों पर साझे रुख को लेकर इस साल का जी-20 समिट जर्मनी के हैंम्बर्ग में चल रहा है।