रेलयात्रियों के लिए खुशखबरी, 2021-22 तक रेलवे का पूरी तरह से हो जाएगा विद्युतीकरण

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न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (27 जून): भारतीय रेलवे के ब्रॉडगेज नेटवर्क का  2021-22 तक पूरी तरह से बिजलीकरण हो जाएगा। लोकसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि साल 2021-22 तक रेलवे के ब्रॉड गेज नेटवर्क का सौ फीसदी बिजलीकरण हो जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे का 28,810 किलोमीटर बिजलीकरण का काम बाकी है और पूरी तरह से बिजलीकरण का काम तेजी से चल रहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसके तहत  उत्तर रेलवे में 2779 किलोमीटर, दक्षिण-पश्चिम रेलवे में 2702 किलोमीटर, पश्चिम रेलवे में 2633 किलोमीटर विद्युतीकरण किया जाना है।

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गौरतलब है कि मोदी सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान पिछले साल इंडियन रेलवे नेटवर्क के ब्रॉडगेज लाइनों के पूरे नेटवर्क के विद्युतीकरण का फैसला किया था। अभी ब्रॉडगेज के जिस नेटवर्क में डीजल इंजन से ट्रेनें चलती हैं, वहां भी इलैक्ट्रिक इंजन से ही ट्रेनें चलेंगी। यह कार्य 2021-22 तक पूरा होने की उम्मीद है। इस फैसले से न सिर्फ डीजल की खपत पर सालाना खर्च होने वाले साढ़े 13 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी बल्कि पर्यावरण पर भी सकारात्मक असर होगा।आपको बता दें कि भारत में यातायात और माल ढ़ुलाई का प्रमुख साधन रेल है। यातायात का एक अहम साधन होने के साथ साथ रेल ने भारत जैसे विशाल देश को जोड़ने का काम कर रहा है। रेल भारत के लोगों की आर्थिक जिंदगी को एक धागे में पिरोता है और साथ में उद्योग और कृषि के विकास में भी सहायक है। लिहाजा मोदी सरकार के कायापलट में जुटी है और रेलवे में व्यापक परिवर्तन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रेलवे के नेटवर्क का सौ फीसदी बिजलीकरण होने से ट्रेनों की औसत रफ्तार में 10 से 15 फीसदी की बढ़ोत्तरी हो जाएगी।

100 फीसदी प्रतिशत विद्युतीकरण के बाद यह भारतीय रेलवे दुनिया का सबसे बड़े विद्युतीकृत रेलवे नेटवर्कों में से एक हो जाएगा। चीन के बाद, जिसमें 87,000 किमी (लगभग 68 प्रतिशत नेटवर्क) विद्युतीकृत है और 100 प्रतिशत विद्युतीकरण वाला एकमात्र बड़ा रेलवे है। वर्तमान में, देश के 61,680 किमी ब्रॉड गेज रेलवे नेटवर्क का लगभग 48 प्रतिशत विद्युतीकृत है। ये ज्यादातर ट्रैफिक-गहन मार्ग हैं, जो निवेश पर स्वस्थ वापसी का संकेत देते हैं। पहले से ही कामों में मौजूदा व्यवस्था के मुताबिक, अगले कुछ वर्षों में विद्युतीकरण के तहत 17,000 किलोमीटर की दूरी तय करके, सामान्य-व्यवसाय मोड में यह 78-80 फीसदी तक बढ़ाना था। बुधवार को मंत्रिमंडल के फैसले ने इसे शेष 100,6 प्रतिशत कवरेज में ले लिया, जिसमें शेष 13,675 रूट किलोमीटर विद्युतीकरण किया गया। हालांकि, इस अनुमोदन में 3,479 किमी मीटर गेज और 2,20 9 ब्रॉड गेज नेटवर्क शामिल नहीं है।