इसरो के मिशन को झटका, 270 करोड़ की लागत से बने GSAT-6A से अब तक संपर्क नहीं

नई दिल्ली (03 अप्रैल): 29 मार्च को छोड़े गए ताकतवर कम्यूनिकेशन सैटलाइट जीएसएटी-6ए के साथ इसरो के वैज्ञआनिक संपर्क स्थापित करने के सभी प्रयास कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के एक अधिकारी ने मंगलवार को कहा, संचार उपग्रह के साथ संपर्क स्थापित करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।

इसरो ने रविवार को स्वीकार किया था कि आंध्र प्रदेश स्थित श्रीहरिकोटा प्रक्षेपण केंद्र से जिओसिंक्रोनस सैटेलाइट लांच व्हीकल (जीएसएलवी) के छोड़े जाने के दो दिन बाद जीसैट-6ए से उसका संपर्क टूट गया। इसरो के सूत्र इसे मिशन के लिए 'दिल का दौरा' बता रहे हैं। 270 करोड़ की लागत से बना यह सैटलाइट सोमवार को अंतरिक्ष में अफ्रीका के ऊपर से और उसके भारत, दक्षिण भारत, सिंगापुर, पापुआ न्यू गिनी और प्रशांत महासागर के ऊपर मंडरा रहा था।

इसरो की तरफ से बयान में कहा गया था, 'सफलतापूर्वक काफी देर तक फायरिंग के बाद जब सैटलाइट तीसरे और अंतिम चरण के तहत 1 अप्रैल 2018 को सामान्य ऑपरेटिंग की प्रक्रिया में था, इससे हमारा संपर्क टूट गया। सैटलाइट GSAT-6A से दोबारा लिंक के लिए लगातार कोशिश की जा रही है।