कन्हैया के खिलाफ राजद्रोह का एक और मुकदमा, 28 को सुनवाई

नई दिल्ली (19 मार्च): दिल्ली हाई कोर्ट से छह महीने की अतंरिम जमानत पर बाहर निकले जेएनयू के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार की कानूनी मुसीबतें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। बुलंदशहर की एक अदालत में कन्हैया पर कथित तौर पर भारतीय सेना को अपमानित करने का आरोप लगाते हुए राजद्रोह का वाद दायर किया गया है। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई के लिए 28 मार्च की तिथि तय की है।

बुलंदशहर के डीएम रोड निवासी बजरंग दल के विभाग संयोजक हेमंत सिंह पुत्र नरेंद्र सिंह ने कोर्ट में दी अर्जी में कहा है कि जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भारतीय लोकतंत्र एवं भारतीय सेना को अपमानित किया है। हेमंत ने कहा, 'आठ मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैया कुमार ने भारतीय सेना के बहादुर सैनिकों के बारे में कुछ असंवेदनशील बातें कही थीं। कन्हैया ने दावा किया था कि हमारे सैनिक कश्मीर तथा उत्तर पूर्व के राज्यों की महिलाओं का बलात्कार करते हैं तथा उन पर अत्याचार करते हैं।

कन्हैया के खिलाफ बुलंदशहर में आईपीसी की धारा 124-ए(राजद्रोह) और 153-बी के तहत वाद दायर किया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट ने सशर्त जमानत देते हुए कन्हैया को देश विरोधी तथा राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहकर केवल अध्ययन में सीमित रहने के निर्देश दिए हैं।