फ्रांस में 'बुर्कीनी' पर बैन- पुलिस ने सरेआम उतरवाए महिला के कपड़े!

नई दिल्ली (24 अगस्त) :  फ्रांस में 'बुर्कीनी' पर बैन के बाद मंगलवार को पुलिस ने एक महिला की बुर्कीनी उतरवाई। नीस शहर के बीच पर एक मुस्लिम महिला से जबरन कपड़े उतारने को कहा गया। महिला बीच पर बुर्किनी पहनकर सन बाथ ले रही थी। महिला ने पुलिस अफसरों पर अपमानित करने का आरोप लगाया है। गौरतलब है कि फ्रांस में आतंकी हमलों के बाद से नस्ली भेदभाव के मामले बड़े हैं। 

'बुर्कीनी' एक तरह का स्विम सूट होता है, जिससे शरीर पूरी तरह से कवर हो जाता है। बुर्किनी दरअसल दो शब्दों बुर्का और बिकनी से मिलकर बना है। फ्रांस के अधिकारियों का कहना है बुर्किनी उन आतंकवादी आंदोलनों के प्रति निष्ठा का प्रतीक है जिन्होंने फ्रांस के खिलाफ लड़ाई छेड़ रखी है। 

बुर्कीनी पर फ्रांस के कई शहरों में प्रतिबंध है। बुर्कीनी पर सबसे पहले प्रतिबंध कान्स के मेयर लगाया था। कान्स के मेयर डेविड लिस्नर्ड मेयर ने कहा था कि, रिलिजियस ड्रेस की तरह नजर आने वाली स्विमवियर का इस्तेमाल गलत है। फ्रांस की कई लोकेशन्स आतंकियों के निशाने पर हैं। ऐसे में इस ड्रेस के इस्तेमाल से पब्लिक सिक्युरिटी को खतरा है। इसके बाद नीस और कैनन्स समेत कई शहरों के मेयर्स ने बुर्कीनी पर बैन लगा दिया है। 

बुर्कीनी पर प्रतिबंध नहीं मानने वाले पर 38 यूरो (करीब 3000 रुपए) का जुर्माना लगाने का प्रावधान भी रखा गया है। कई मानवाधिकार संगठन इस पर नाराजगी जता चुके हैं। गौरतलब है कि फ्रांस में स्कूलों में हिजाब व बुर्के पर पहले से ही प्रतिबंध है। छात्राओं की स्कर्ट की लंबाई को लेकर भी नियम कड़े हैं। 2004 में सबसे पहले स्कूलों में धार्मिक चिन्हों पर रोक लगी फिर 2011 में सरकार ने सार्वजनिक स्थानों पर बुर्के को पूरी तरह बैन कर दिया। 

क्या है पूरा मामला... - नीस के Promenade des Anglais बीच पर Sunbath ले रही महिला के पास चार पुलिस अधिकारी पहुंचे।  - पुलिस अफसरों ने महिला से बुर्कीनी उतारने को कहा, लेकिन महिला ने मानने से मना कर दिया। - इसके बाद उन्होंने पेपर स्प्रे निकाला और धमकाते हुए कहा कि वो बीच के नियम तोड़ रही है। - पुलिस अफसरों की इस वॉर्निंग के बाद महिला को बीच पर ही सरेआम बुर्कीनी उतारनी पड़ी। - महिला ने आरोप लगाया कि पुलिसवालों ने बीच पर मौजूद लोगों के सामने ही उसे अपमानित किया।

बुर्कीनी क्या है... - बुर्कीनी मुस्लिम महिलाओं के लिए बनाया गया फुल बॉडी स्विमसूट है। - इसका डिजाइन ऐसे तैयार किया गया है, जिसमें चेहरा छोड़कर महिलाओं की पूरी बॉडी कवर रहती है।

जानिए कौन-कौन से देश हैं जिन्होंने बुर्के पर दिखाई है सख्ती...

फ्रांस- यूरोप का पहला ऐसा मुल्क है जिसने बुर्के को बैन करने का कदम उठाया। 2004 में सबसे पहले स्कूलों में धार्मिक चिन्हों पर रोक लगी फिर 2011 में बुर्के को पूरी तरह बैन कर दिया। 

जर्मनी- हाल ही में जर्मनी में बुर्का समेत चेहरे पर नकाब पहनने को प्रतिबंधित कर दिया गया है, अब महिलाओं को अपना चेहरा दिखाना जरूरी होगा। 

स्पेन- स्पेन के कैटेलोनिया इलाके में कई जिलों में बुर्के और नकाब पर 2013 से ही प्रतिबंध है। 

ब्रिटेन- बुर्के पर पाबंदी को लेकर ब्रिटेन में भी बहस चल रही है। पूर्व प्रधानमंत्री डेविड कैमरन ने स्कूल, कोर्ट में बुर्का जैसे चेहरे को ढंकने वाले पर्दे पर बैन का समर्थन किया था। 

कनाडा- कनाडा में बुर्का पहनने की पाबंदी नहीं है लेकिन नए कानून के मुताबिक अब मुस्लिम महिलाओं को मतदान के समय बुर्के में ढँका अपना चेहरा दिखाना पड़ेगा। 

इटली- इटली में राष्ट्रीय स्तर पर तो बैन नहीं है लेकिन 2010 में नोवारा शहर ने अपने यहां प्रतिबंध लगाया। हालांकि अभी बुर्का पहनने पर किसी तरह की सजा नहीं है।

बेल्जियम- बेल्जियम ने भी 2011 में बुर्का बैन कर दिया। बुर्का पहनने पर महिलाओं को 7 दिन की जेल या 1300 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।

नीदरलैंड- 2015 में हॉलैंड ने बुर्के पर बैन लगाया. लेकिन यह बैन स्कूलों, अस्पतालों और सार्जवनिक परिवहन तक ही सीमित है। सभी जगहों पर इसे लागू नहीं किया गया।

स्विट्जरलैंड- जुलाई 2016 से स्विट्जरलैंड के टेसिन इलाके में बुर्के पर प्रतिबंध लागू हो गया है। इसका उल्लंघन करने पर 9200 यूरो तक का जुर्माना हो सकता है।

रूस- रूस के उत्तरी काकेशक क्षेत्र में रूसी लोगों और मुसलमानों में जातीय तनाव रहता है। यहां स्कूलों में बुर्के पर प्रतिबंध है।

टर्की- टर्की का नियम थोड़ा अलग है। यहां महिलाओं को सिर्फ सिर ढकने की अनुमति हैं। उन्हें चेहरा खुला रखना जरूरी है।

चीन- चीन के मुस्लिम बहुल शिनिजियांग प्रांत में महिलाओं के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बुर्का पहनने पर पाबंदी है।

चाड- अफ्रीकी देश चाड में पिछले साल बुर्के पर प्रतिबंध लगाया गय। जून में वहां दो आत्मघाती बम हमले हुए जिसके बाद प्रधानमंत्री ने कदम उठाए. बाजारों में बुर्के की बिक्री तक पर बैन है।

कैमरून- चाड के प्रतिबंध लगाने के एक महीने बाद ही उसके पड़ोसी कैमरून ने भी नकाब और बुर्का बैन कर दिए। हालांकि यह सिर्फ पांच राज्यों में ही प्रभावी है।

कॉन्गो- पूरे चेहरे को ढकने पर कॉन्गो ने बैन लगा रखा है। 2015 से यह प्रतिबंध लागू है।