अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इतिहास को तोड़-फोड़ करने की इजाजत नहीं देती- केंद्रीय मंत्री वीके सिंह

नई दिल्ली (25 जनवरी): संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत 4 राज्यों को छोड़कर देश के बाकी हिस्सों में रिलीज हो गई है। फिल्म को लेकर करणी सेना का देशभर में प्रदर्शन जारी है। बुधवार को करणी सेना ने जमकर तोड़फोड़ की और बवाल मचाया। प्रदर्शनकारियों ने स्कूली बच्चों और महिलाओं तक को नहीं बख्शा। 

पद्मावत पर कई लोगों के बयान समर्थन में हैं तो कई ने इसके विरोध में अपनी राय व्यक्त की है। सुप्रीम कोर्ट साफ कर चुका है कि जब सीबीएफसी ने सर्टिफिकेट दे दिया है तब किसी भी सरकार के पास यह अधिकार नहीं है कि वह फिल्म पर रोक लगा सके। राज्य सरकारों को सिनेमाघरों को सुरक्षा मुहैया करानी होगी और कानून व्यवस्था की जिम्मेदारी उनकी है।

Abhivyakti ki swatantrta itihaas ko todphod karne ki ijazat nahi deti, toh jo viroh kar rahe hain unke saath baith ke isko suljhaya jaye,jab cheezen sehmati se nahi hoti hain toh phir usme gadbad hoti hai: VK Singh,Union Minister #Padmaavat pic.twitter.com/gfzgtaQbwE

— ANI (@ANI) January 25, 2018

अब इस मामले में पूर्व सेना प्रमुख और केंद्रीय मंत्री वीके सिंह ने बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता इतिहास को तोड़-फोड़ करने की इजाजत नहीं देती, तो जो विरोध कर रहे हैं उनके साथ बैठकर इसको सुलझाया जाए। जब चीजें सहमति से नहीं होती हैं तो फिर उसमें गड़बड़ होती है।