Freedom 251 स्मार्टफोन की कंपनी पर फ्रॉड का आरोप, दर्ज होगा केस

नई दिल्ली (26 फरवरी): दुनिया का सबसे सस्ता स्मार्ट फोन फ्रीडम 251 बनाने का दावा करने वाली कंपनी रिंगिंग बेल्स एक नए विवाद में फंसती दिख रही है। इस बार इस पर धोखाधड़ी और बकाए का भुगतान नहीं करने का आरोप लगा है। यह आरोप एक कस्टमर केयर कंपनी ने किया है। 

बीपीओ कंपनी Cyfuture के फाउंडर अनुज बैराठी का आरोप है कि कंपनी ने काम के बदले पैसा नहीं दिया है। हालांकि हालांकि रिंगिंग बेल्स ने इन आरोपों को खारिज किया है।

अनुज ने बताया कि कंपनी द्वारा उनकी प्रबंधन टीम को जब अपने लॉन्च कार्यक्रम में आने वाले कई वरिष्ठ राजनेताओं के नाम दिखाए तो हमने उनकी परियोजना अपने हाथ में लेने का निर्णय किया। इसके बाद बीपीओ कंपनी के पास रिंगिंग बेल्स को लेकर लाखों की संख्या में कॉल्स की गईं जिनका उचित जवाब भी दिया गया। बैराठी ने कहा कि एग्रीमेंट के मुताबिक, असंतोषजनक सेवाओं के चलते अनुबंध समाप्ति की स्थिति में रिंगिंग बेल्स को 30 दिन का नोटिस पीरियड उपलब्ध कराना था और सभी बकाए का भुगतान करना था।

बीपीओ से हुए कॉन्ट्रेक्ट के अनुसार रिंगिंग बेल्स ने बीपीओ के साथ एक साल का न्यूनतम लॉक-इन पीरियड का वादा किया था। लेकिन जब बीपीओ कंपनी ने पेमेंट के बारे में पूछा तो रिंगिंग बेल्स ने झूठे आरोप लगाने शूरू कर दिए। रिंगिंग बेल्स ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि बीपीओ कंपनी हमारे कस्टमर्स को कनेक्ट करने में असमर्थ थी। इसकी हमें हजारों शिकायतें मिली हैं। 

कल तक दर्ज हो जाएगा मामला बैराठी ने कहा कि हम कल तक मामला दर्ज करवाएंगे। क्योंकि हमने रिंगिंग बेल्स प्रोजेक्ट के लिए 100 लोगों को हायर किया था। अगर अब इन लोगों को निकालते हैं तो हमारी कंपनी में उथल पुथल मच जाएगा।