यूपी: एसटीएफ का बड़ा खुलासा, नकल माफिया ने 600 अयोग्य छात्रों को बनवाया डॉक्टर

नई दिल्ली ( 18 मार्च ): उत्तर प्रदेश में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की टीम ने विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजों के एमबीबीएस परीक्षाओं तथा अन्य महाविद्यालयों की स्नातन, परास्नातक, एलएलबी सहित परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं को बदलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है और चार सदस्यों को गिरफ्तार कर किया है। यूपी एसटीएफ ने एक ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जिसने अब तक 600 से ज्यादा अयोग्य छात्रों को फर्जीवाड़े के जरिए डॉक्टर बनवा दिया। इस मामले का खुलासा होने के बाद हड़कंप मचा हुआ है।

मेरठ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एसटीएफ ने इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ किया। एसटीएफ ने इस गैंग के सरगना कविराज सिंह के अलावा मेरठ के चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCSU) के तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। इनमें से दो संविदा पर नियुक्त हैं, जबकि एक नियमित कर्मचारी है। गिरोह का एक और सदस्य सीपी सिंह अभी शिकंजे में नहीं आया है। वह भी यूनिवर्सिटी का पूर्व कर्मचारी है। 

वर्ष 2014, 2015, 2016 और 2017 में छह सौ से ज्यादा गैर मेधावी छात्र इस गोरखधंधे के जरिए पासआउट होकर डॉक्टर भी बन चुके हैं। पता लगाया जा रहा है कि किन कॉलेजों में किस-किस छात्र की कॉपियां बदली गईं। इसके बाद इन पासआउट छात्रों को भी साजिश का आरोपी बनाया जाएगा। एसटीएफ के मुताबिक कविराज ने यूनिवर्सिटी के उत्तर पुस्तिका (आंसरशीट) अनुभाग के प्रभारी पवन कुमार और दो संविदा कर्मचारी (कपिल कुमार और संदीप) की मदद से इस बड़े फर्जीवाड़े को अंजाम दिया। मेडिकल छात्रों से 1-1.5 लाख, जबकि यूनिवर्सिटी में दूसरे प्रोफेशनल कोर्स के छात्रों से 30 हजार से 40 हजार रुपये लिए गए। 

एसटीएफ के आईजी अमिताभ यश ने बताया, 'इस रैकेट के जरिए 600 से ज्यादा अयोग्य छात्रों को डॉक्टर बनवाया गया। स्थानीय पुलिस थाने में इस सिलसिले में केस दर्ज कर लिया गया है। जांच के दायरे में उन सभी छात्रों को शामिल किया जाएगा, जिन्होंने अनुचित तरीके से परीक्षा को पास किया है।' उन्होंने जांच के दौरान आने वाली मुश्किलों के बारे में कहा, 'ऐसे छात्रों का कोई दस्तावेजी रिकॉर्ड नहीं है, लिहाजा हर दोषी को न्याय के कठघरे में लाना बहुत कठिन काम होगा। अब गेंद स्थानीय पुलिस के पाले में है।'

एसटीएफ के एसपी आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि शनिवार को एसटीएफ टीम ने मेडिकल थाना क्षेत्र में गढ़ रोड स्थित दुर्गापुरम में छापा मारा। यहां एक निर्माणाधीन मकान से कविराज पुत्र हरपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे से एमबीबीएस सेकंड इयर की दो लिखी हुई उत्तर पुस्तिकाएं बरामद हुईं। दोनों उत्तर पुस्तिकाएं मुजफ्फरनगर के मेडिकल कॉलेज बेगराज मंसूरपुर की थीं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने बताया कि वह अपने साथियों की मदद से सीसीएसयू से संबद्ध किसी भी कोर्स की उत्तर पुस्तिकाएं बदल देता था, जिनमें एमबीबीएस से लेकर एलएलबी और अन्य कई पाठ्यक्रम शामिल हैं।