देशद्रोह के मामले में DU के पूर्व प्रो. गिलानी को भी मिली जमानत

नई दिल्ली (19 मार्च): प्रेस क्‍लब आफ इंडिया में कश्‍मीर की आजादी व देश विरोधी नारे लगाने के मामले में देशद्रोह के आरोपी डीयू के पूर्व प्रोफेसर एसएआर गिलानी को आज जमानत मिल गई है। पटियाला हाउस कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए 50,000 रुपये का ब्रॉंड भरने का आदेश दिया है।

अपनी दलील में प्रोफेसर गिलानी ने कार्यक्रम की बुकिंग कराने की बात कही थी। नारे लगाने की बात से उन्होंने साफ इनकार किया था। उनका कहा था कि उस उक्त नारे लगाने वालों को वो रोक रहे थे। कार्यक्रम में उनकी भूमिका मॉडरेटर की थी। वहां कश्मीर से अन्य लोग भी आये थे, जिन्होंने नारेबाजी की। उनके खिलाफ पुलिस के पास कोई पुख्ता सबूत नहीं है। ऐसे में उन्हें जमानत दी जाए।

वहीं, दिल्‍ली पुलिस ने उनकी जमानत अर्जी का विरोध करते हुए कहा कि गिलानी पर लगाए गए आरोप गंभीर हैं। पुलिस ने अदालत को बताया कि 10 फरवरी को गिलानी ने अली जावेद के माध्‍यम से प्रेस क्‍लब आफ इंडिया को एक कार्यक्रम के लिए बुक कराया था। इस प्रोग्राम में पीछे जो बैनर लगाये गए थे वो अफजल गुरु और मकबूल भट्ट के थे।

बता दें कि अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के विरोध में 10 फरवरी को प्रेस क्लब ऑफ़ इंडिया के परिसर में आयोजित कार्यक्रम में कश्मीरी लोगों ने देश के खिलाफ नारेबाजी करने का आरोप है। पुलिस ने इस पर देशद्रोह और आपराधिक साजिश की धाराओं के तहत उसी दिन प्राथमिकी दर्ज की थी।