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जरदारी ने किया बड़ा खुलासा, इमरान नहीं ISI चला रहा है PAK

पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जिस तरह से मीडिया के सामने आकर खुद को बेगुनाह बताने का रोना रोया था, अब उसका भांड़ा फूट चुका है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी

Photo: Google 

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (20 फरवरी): पुलवामा हमले को लेकर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जिस तरह से मीडिया के सामने आकर खुद को बेगुनाह बताने का रोना रोया था, अब उसका भांड़ा फूट चुका है। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने अबतक का सबसे बड़ा खुलासा करते हुए कहा है कि इमरान खान दूसरों के इशारों पर काम कर रहे हैं और उनको अंतरराष्ट्रीय राजनीति संभालनी नहीं आती।

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि इमरान खान अभी अपरिपक्व हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय राजनीति संभालनी नहीं आती। आसिफ अली जरदारी ने कहा कि इमरान खान सिर्फ बैक सीट ड्राइवर हैं और दूसरों के इशारे पर काम कर रहे हैं। जरदारी का दूसरों के इशारों पर काम करने का सीधा मतलब था कि पाकिस्तान को पूरी तरह से वहां की ऑर्मी और आईएसआई चला रही है। जब इमरान खान ने चुनाव जीता था तो तब भी यह आरोप लगाए गए थे कि उनको ऑर्मी और आईएसआई ने जिताया है।

जरदारी ने पुलवामा हमले को लेकर इमरान सरकार के रवैये पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि यह बेहद खतरनाक स्थिति है, अगर उनको (भारत को) कोई शक है, तो हमें को-ऑपरेट करना चाहिए। क्योंकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान अलग-थलग पड़ता हुआ नज़र आ रहा है। अगर आपको अंतरराष्ट्रीय अलगाववाद नहीं दिख रहा, तो मैं दिखा देता हूं। मैं आपके एंबसेडर और जानने वालों से पूछता हूं कि आप लोगों में से मुझे अंतराष्ट्रीय स्तर पर बस कोई एक नाम बता दे, जो इमरान खान का दोस्त हो?'

पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा, 'इमरान खान इम्मैच्योर (अपरिपक्व) हैं। उन्हें नहीं पता कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति को कैसे संभालना है। ये सीखने के लिए उन्हें अभी काफी वक्त लगेगा। इमरान साहब! आपको सलाह देने वाले लोगों ने अगर कुछ मुस्लिम मुल्कों से आपकी सहायता करवा दी, तो इसे इंटरनेशनल सपोर्ट समझने की भूल न करिएगा।' उन्होंने कहा, 'मेरे कार्यकाल के दौरान, 26/11 आतंकी हमला हुआ था। हमने इस मामले को सौहार्दपूर्ण तरीके से संभाला, लेकिन इमरान खान बहुत ज्यादा मैच्योर नहीं हैं। उन्हें नहीं पता कि क्या करना है। वास्तव में वे दूसरों के इशारे पर काम करते हैं। इसलिए देश की स्थिति खराब हो रही है।' यही नहीं जरदारी ने साफ तौर पर इमरान खान द्वारा पुलवामा हमले में इस्लामाबाद की भागीदारी से स्पष्ट इनकार करने का विरोध किया है।

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