पूर्व लोकसभा स्पीकर पी ए संगमा का निधन

नई दिल्ली (4 मार्च): पूर्व लोकसभा स्पीकर पी ए संगमा का निधन हो गया है। 1996-98 तक वो लोकसभा के स्पीकर रहे। इनके निधन पर लोकसभा में दो मिनट का मौन रखा। बता दें कि उनका पार्थिव शरीर आरएमएल अस्पताल में रखा है। वहां से उनके आवास पर पार्थिव शरीर ले जाया जाएगा। बताया जा रहा है कि पीएम मोदी समेत तमाम नेता उन्हें वहां पहुंचेंगे।

पी ए संगमा का जन्म 1 सितंबर 1947 को पश्चिम गारो हिल्स, मेघालय के चपाथी ग्राम में हुआ था। संगमा मेघालय के सीएम और लोकसभा के अध्यक्ष पद रह चुके हैं। वे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सह-संस्थापक भी थे। वे आठ बार लोकसभा-सदस्य रहे।

वर्ष 1973 में पी.ए. संगमा प्रदेश युवा कांग्रेस समिति के अध्यक्ष बने। कुछ ही समय बाद वह इस समिति के महासचिव पर नियुक्त किए गए। वर्ष 1977 के लोकसभा चुनावों में पी.ए. संगमा तुरा निर्वाचन क्षेत्र से जीत दर्ज करने के बाद पहली बार सांसद बने। चौदहवीं लोकसभा चुनावों तक वह इस पद पर लगातार जीतते रहे। हालांकि नौवीं लोकसभा में वह जीत दर्ज करने में असफल रहे थे।

वर्ष 1988-1991 तक वे मेघालय के मुख्यमंत्री भी रहे। वर्ष 1999 में कांग्रेस से निष्कासित होने के बाद शरद पवार और तारिक अनवर के साथ मिलकर पी.ए. संगमा ने नेशनल कांग्रेस पार्टी की स्थापना की। 

शरद पवार के भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी से नजदीकी बढ़ जाने के कारण पी.ए. संगमा ने अपनी पार्टी का ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस पार्टी में विलय कर नेशनलिस्ट तृणमूल कांग्रेस की स्थापना की। 

10 अक्टूबर 2005 को अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस के सदस्य के तौर पर लोकसभा पद से इस्तीफा देने के बाद पी.ए. संगमा फरवरी 2006 में नेशनल कांग्रेस पार्टी के प्रतिनिधि के तौर पर संसद पहुंचे। 2008 के मेघालय विधानसभा चुनावों में भाग लेने के लिए उन्होंने चौदहवीं लोकसभा से इस्तीफा दे दिया।