क्या सवाल उठाने की वजह से रक्षा मंत्रालय से हुई राव इंद्रजीत की छुट्टी!

 

नई दिल्ली (8 जुलाई) :  गुड़गांव से बीजेपी सांसद राव इंद्रजीत सिंह को केंद्रीय मंत्रिमंडल के हालिया विस्तार-फेरबदल में रक्षा राज्यमंत्री के पद से योजना एवं नगरीय विकास राज्‍यमंत्री बना दिया गया। इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से राव इंद्रजीत सिंह का विभाग बदलने की जो आंतरिक वजह बताई गई है, उसके मुताबिक मंत्रिपरिषद फेरबदल से 10 दिन पहले 25 जून को रक्षा मंत्रालय की बैठक में राव इंद्रजीत ने कथित धांधली के मामले में काफी नाराजगी जताई थी। इस मामले में स्वयं रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर को दखल देकर मामला शांत कराना पड़ा था.

अखबार की रिपोर्ट के मुताबिक बैठक के दौरान इंद्रजीत सिंह ने सेना और रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण इकाई पर आरोप लगाया कि 44 हजार कार्बाइन के ठेके में गलत चुनाव किया गया। राव इंद्रजीत सिंह ने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग करते हुए इटैलियन कंपनी बेरेटा को ठेके में शामिल करने का पक्ष लिया था। वहीं दूसरी तरफ ऐसा कहा जा रहा है कि सेना के ट्रायल में बेरेटा कंपनी की कार्बाइन फेल हो गई थी और इजरायली कंपनी आईडब्‍ल्‍यूआई यह टेस्‍ट पास कर पाई थी।

बैठक के दौरान सेना और रक्षा मंत्रालय की अधिग्रहण इकाई ने बताया कि किसी कंपनी को टेंडर में शामिल करने के लिए नियम बदले नहीं जा सकते हैं। इस मामले में रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर एक कंपनी को नहीं रखने पर राजी थे, वहीं राव इंद्रजीत सिंह चाहते थे कि पता लगाया जाए कि आईडब्‍ल्‍यूआई का चयन सेना ने कैसे किया है।