फोर्ड मस्टैंग का रोमांचक और सुनहरा सफर

ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में फोर्ड मस्टैंग का इतिहास काफी रोमांच से भरा रहा है। अपने ऊंचे कद, तेज आवाज और दमदार पावर की बदौलत फोर्ड मस्टैंग हर किसी की चहेती कार रही है। 52 पहले अपने सफर की शुरूआत करने वाली मस्टैंग अब भारतीय बाजार में भी आ चुकी है। यह छठी पीढ़ी की फोर्ड मस्टैंग है। यहां हम लेकर आए हैं मस्टैंग के पिछले 50 साल के इतिहास की जानकारी, जो ले जाएगी आपको इस आइकॉनिक कार के अतीत में…

फोर्ड मस्टैंग का आना ...

पहली मस्टैंग को बनाने की शुरूआत 1962 से हुई। उस समय 4 सिलेंडर मिड इंजन का कॉन्सेप्ट पेश किया गया था। इसे फोर्ड मस्टैंग नाम दिया गया है। इसे फोर्ड ने तैयार किया था। यह 2 सीट वाली ओपन टॉप कार थी, जो एल्युमिनियम से बनी थी। 1963 में मस्टैंग-2 का कॉन्सेप्ट पेश किया गया, ये 4 सीटर कार थी। यह प्रोडक्शन मॉडल के काफी करीब थी। आखिरकार 17 अप्रैल 1964 को वो दिन आ गया, जब फोर्ड ने पहली पीढ़ी यानी फर्स्ट जनरेशन मस्टैंग को लॉन्च किया। शुरू से ही कार को बेहतर रिस्पॉन्स मिला। अकेले अमेरिका में ही 1964 में इस कार की 1,21,538 यूनिट बिक गईं। 1965 में इसे कुछ अपडेट किया गया, जैसा कि आजकल के फेसलिफ्ट मॉडल। इनमें कुछ 1964 में बनीं कारें भी थीं, जो ओरिजनल मस्टैंग थीं। इन्हें 1964½ ओरिजनल नाम दिया गया। इन्हें तीन इंजन ऑप्शन में उतारा गया था। इसमें सबसे पावरफुल इंजन 5.0 लीटर वी-8 था। उस वक्त इसकी पावर 212 पीएस थी। 6वीं जनरेशन की मस्टैंग आने से पहले कार को 50 बार अपडेट किया जा चुका है।

यहां देखिए फोर्ड मस्टैंग के 52 सालों का सफर

ऊपर दी गई लिस्ट में फोर्ड मस्टैंग के कई अवतार दिखाई दे रहे हैं। इनमें 1964½ ओरिजनल, 1965 जीटी-350, 1968 फास्टबैक बुलइट, 1969 मैक-1 और बॉस-302 मॉडल दुनियाभर में लोकप्रिय हुए और आदर्श बने।

जंगली घोड़े को काबू करने जैसी थी इसकी सवारी

200 पीएस ताकत वाली पुरानी मस्टैंग की ड्राइविंग काफी जोखिम भरी थी। इसे चलाना कोई आसान बात नहीं थी। उस समय आज की तरह के इलेक्ट्रॉनिक कंट्रोल्स, कंफर्ट फीचर्स और एडवांस टेक्नोलॉज़ी मौजूद नहीं थी। यह अनुभव वैसा ही था, मानो आप किसी जंगली घोड़े पर लगाम कसने की कोशिश कर रहें हों।   

आज की मस्टैंग काफी सुरक्षित और आरामदायक हैं। मौजूदा मस्टैंग में इलेक्ट्रॉनिक लाइन-लॉक, इलेक्ट्रॉनिक स्टेबिलिटी कंट्रोल (ईएससी) और ट्रेक्शन कंट्रोल जैसे फीचर्स दिए गए हैं। इसके अलावा टचस्क्रीन इंफोटेंमेंट सिस्टम, फोर्ड माई-की, की-लैस एंट्री और नॉर्मल, स्पोर्ट, स्पोर्ट प्लस और स्नो/वेट जैसे ड्राइव मोड फीचर भी मौजूद हैं। सुरक्षा को लेकर कार से कोई समझौता नहीं हुआ है।

इतना सब होने के बावजूद आज भी मस्टैंग ने अपना जादू और चमक नहीं खोई है। आज भी इसे रोमांचक ड्राइव के लिए जाना जाता है। इसकी आवाज आज भी कार फैंस को रोंगटे खड़े कर देने वाला अहसास देती है। इसका डिजायन लोगों के चेहरों को मुस्कान और उत्साह के अहसास से भर देता है।

कारदेखो

फोर्ड मस्टैंग का रोमांचक और सुनहरा सफर