जबरन यौन संबंध बनाना हो सकता है तलाक का आधार: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट

न्यूज 24 ब्यूरो, नई दिल्ली (9 जून): 'जबरन यौन संबंध' और 'अनैतिक यौन संबंध' तलाक का आधार हो सकते हैं। पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने कहा है कि जबरन यौन संबंध बनाना तलाक का आधार हो सकते हैं। निचली अदालत के इस मामले पर सुनवाई से इनकार करने के चार साल बाद हाई कोर्ट ने बठिंडा की महिला की तलाक की याचिका पर सुनवाई की।

जस्टिस एमएमएस बेदी और हरिपाल वर्मा ने अपने आदेश में कहा, 'ऐसा भी होता है, हम पाते हैं कि अपीलकर्ता का दावा गलत तरीके से खारिज कर दिया जाता है।' फैसले में यह भी कहा गया है कि जबरन यौन संबंध या अप्राकृतिक यौन संबंध के लिए पति/पत्नी को मजबूर किया जाता है, जिस कारण असहनीय दर्द होता है। निश्चित रूप से यह संबंध खत्म करने या तलाक लेने का आधार हो सकता है।कम्प्यूटर साइंस में पोस्टग्रैजुएट डिप्लोमा होल्डर युवती की शादी बिहार के निवासी से जनवरी 2017 में हुई थी। उनका एक बच्चा भी है। युवती की याचिका के मुताबिक, उसके परिवार की तरफ से दहेज भी दिया गया था। युवती के परिवार को बताया गया था कि लड़का इंजीनियर है, जो बाद में झूठ साबित हुआ। याचिका में कहा गया है कि युवक अपनी शारीरिक इच्छाओं को पूरा करने के लिए युवती को पीटता था और अप्राकृतिक संबंध भी बनाता है। अपने फैसले में कोर्ट ने कहा कि युवती द्वारा लगाए गए आरोप काफी गंभीर हैं।