भारतीय सशस्त्र बलों ने किसी संभावित खतरे से निपटने के लिए किया बड़ा अभ्यास

नई दिल्ली ( 26 फरवरी ): भारतीय नौसेना ने एक बड़ा अभ्यास किया है जिसमें परमाणु चालित पनडुब्बी, विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रमादित्य सहित इसके रणनीतिक आयुध और भारतीय वायुसेना के सुखोई-30 और जगुआर लड़ाकू विमानों को शामिल किया गया।

थिएटर लेवल रेडीनेस एंड आॅपरेशनल एक्सरसाइज (टोपेक्स) का अयोजन नौसेना, वायुसेना, थलसेना और तटरक्षक बल के संयुक्त बेड़ों की युद्धगत तैयारियों को परखने के लिए किया गया। एक महीने तक चले इस अभ्यास का उद्देश्य किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए बलों की युद्धगत तैयारी को परखने का था। यह अभ्यास अरब सागर और उत्तरी मध्य हिन्द महासागर के विशाल क्षेत्रा में किया गया।

रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि वर्तमान सुरक्षा परिदृश्य में टोपेक्स 2017 का काफी महत्व है। अभ्यास ने भारतीय नौसेना, भारतीय सेना, भारतीय वायुसेना और तटरक्षक बल की युद्धगत क्षमता को परखने के लिए एक उपयुक्त अवसर प्रदान किया तथा जटिल संघर्ष स्थिति में अंतर-अभियान क्षमता तथा संयुक्त अभियानों को मजबूत किया।

अभ्यास में पश्चिमी और पूर्वी नौसैन्य कमानों से 45 से अधिक पोत, परमाणु चालित चक्र सहित पांच पनडुब्बी, 50 नौसैन्य विमान, तटरक्षक बल से 11 पोत, सेना से सैनिकों तथा भारतीय वायुसेना से सुखोई-30 तथा जगुआर सहित 20 विमानों ने भाग लिया। अभ्यास 24 जनवरी से 23 फरवरी तक चला।

मंत्रालय ने कहा, मौजूदा खतरा स्थितियों के जवाब में सेना और वायुसेना के साथ पूर्ण समन्वय में अभ्यास युद्ध लड़ने के विभिन्न पहलुओं और सशस्त्र बलों की संयुक्त युद्ध क्षमताओं को परखने के लिए किया गया। इस दौरान पोतों, पनडुब्बियों तथा नौसेना और वायुसेना दोनों के विमानों विभिन्न तरह के हथियारों से गोलीबारी की गई।

मंत्रालय ने कहा कि बलों के परस्पर विमर्श से अभियानगत युद्ध कौशल को मजबूत करने तथा युद्ध क्षमता को और धारदार बनाने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सीखने को मिली।