सावन स्पेशलः इन नियमों से करोगे पूजा तो प्रसन्न हो जायेंंगे भोले-भण्डारी

नई दिल्ली (31 जुलाई):  भगवान शंकर को प्रसन्न करने के लिए सावन के सोमवार को उपवास पूजन के कुछ नियम हैं। जिन्हें करने से मनोवांछित फल प्राप्त किये जा सकते हैं

ये हैं वो कुछ साधारण से नियम

- सूर्योदय से पहले उठकर पानी में कुछ काले तिल डालकर नहाना चाहिए। 

- सोमवार को सूर्य को हल्दी मिश्रित जल अवश्य चढ़ाएं।  

- तांबे के पात्र में शिवलिंग रख कर भगवान शिव की उपासना करें। 

- भगवान शिव का अभिषेक जल या गंगाजल से होता है, परंतु विशेष मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए दूध, दही, घी, शहद, चने की दाल, सरसों तेल, काले तिल, आदि कई सामग्रियों से अभिषेक होना चाहिए। 

- अभिषेक के दौरान महामृत्युंजय मंत्र, भगवान शिव का पंचाक्षरी मंत्र जपना चाहिए।

- ॐ नमः शिवाय मंत्र के बोलकर फूल, सफेद चंदन, चावल, पंचामृत, सुपारी, फल और गंगाजल या स्वच्छ पानी से भगवान शिव और पार्वती का पूजन करना चाहिए।    - आरती करने के बाद भोग लगाएं और घर परिवार में बांटने के बाद स्वयं ग्रहण करें। 

- नमक रहित प्रसाद ग्रहण करें।   - दिन में सोयें नहीं

- सोमवार पूजन का समय निश्चित रखें। 

- हर सोमवार एक ही समय एक ही प्रसाद ग्रहण करें। 

- प्रसाद में गंगाजल, तुलसी, लौंग, चूरमा, खीर और लड्डू रखेंय़

- प्रसाद एक स्थान पर बैठकर ग्रहण करें, चलते फिरते नहीं। 

- सोमवार किसी विवाहित जोड़े को उपहार दें।