Exclusive: आतंकियों को रोकने के लिए खड़ी होगी राडार की दीवार

नई दिल्ली (17 अगस्त): घाटी के वर्तमान हालात को देखते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्लान तैयार किया है। आतंकियों को रोकने के लिए सरकार अब राडार की दीवार खड़ी करने जा रही है। सरकार आतंकियों की घरपकड़ के लिए इजरायल से Foliage penetrating Radar खरीदने जा रही है।

आतंकी घुसपैठ को रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसिया पूरे तौर पर नकेल कसने की तैयारी में जुटी हुई है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, घुसपैठ कर चुके और जंगलों में छिपे आतंकियो को पता लगाने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में आसमान से नज़र रखी जाएगी। पूर्व गृह सचिव मधुकर गुप्ता कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर इंटरनेशनल बॉर्डर और LOC पर घुसपैठ रोकने के लिए यह प्लान बनाया गया है।

NSA अजित डोवाल की देखरेख में जम्मू-कश्मीर की सीमा पर इस पूरे प्लान को लागू करने का काम शुरू हो गया है। इजराइल और अमेरिका से इलेक्ट्रोनिक सर्विलांस के तकनीकी मदद ली जा रही है। इसी के साथ अमेरिकी सेटेलाइट और इज़रायली रडार के जरिए बॉर्डर पर निगरानी होगी।

BSF ने इजरायल से Foliage Penetrating Radar खरीदने का उठाया कदम है। ख़ुफ़िया विभाग और दूसरी जांच एजेंसियों के बड़े अधिकारियों की एक टीम अगस्त के अंतिम सप्ताह में इजरायल के लिए रवाना होगी। Foliage penetrating Radar के जरिए जंगल और दुर्गम घाटी में घुस चुके आतंकियों को ढूंढने में मिलेगी मदद।

सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक BSF अपने टेक्निकल विंग के लोगों को इजरायल में तकनीकी ट्रेनिंग के लिए भी भेजेगी। Foliage penetrating Radar से मिले विजुअल को कंट्रोल रूम में सुरक्षा एजेंसियों के लोग मॉनिटर करेंगे। NTRO भी इस तकनीकी इस्तेमाल पर भारत सरकार की मदद कर रहा है।

कैसे करेगा ये राडार काम... जंगल के अंदर में छिपे आतंकियों की जानकारी तो ये राडार देगा ही, साथ ही उनके पास किस तरीके के हथियार हैं। उसको भी कंट्रोल रूम तक इमेज देगा। घने जंगलों में भी तस्वीर और जानकारी देगा।