नोटबंदी का 1 साल: जेटली बोले- 8 नवंबर भारतीय अर्थव्यवस्था का ऐतिहासिक क्षण

नई दिल्ली(7 नवंबर): नोटबंदी की सालगिरह से एक दिन पहले वित्त मंत्री अरुण जेटली ने एक ब्लॉग के जरिए विरोधियों को करारा जवाब दिया है। जेटली ने नोटबंदी के फैसले की घोषणा के दिन 8 नवंबर 2016 को भारतीय अर्थव्यवस्था के इतिहास का ऐतिहासिक क्षण करार दिया। नोटबंदी के बचाव में लिखी एक फेसबुक पोस्ट में जेटली ने कहा कि यह दिन देश को 'काले धन की भयावह बीमारी' से बचाने के इस सरकार के संकल्प को दर्शाता है। 

- वित्त मंत्री ने अपनी पोस्ट में लिखा, 'हमारा देश जानता है कि किस तरह तत्कालीन सरकार ने इस (काले धन के) मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के निर्देश को भी वर्षों तक अनसुना कर दिया। काले धन के खिलाफ लड़ाई की अनिच्छा का एक और उदाहरण बेनामी प्रॉपर्टी ऐक्ट को लागू करने में 28 वर्षों की देरी है।' 

-उन्होंने कहा कि जब देश 'ऐंटी-ब्लैक मनी डे' का भागीदार बन रहा है, तब एक बहस छिड़ गई है कि क्या नोटबंदी ने लक्षित उद्देश्य को पूरा किया है। इस बहस से नोटबंदी का लघु एवं मध्यम अवधि में सकारात्मक प्रभावों को तलाशना है। वित्त मंत्री ने कहा कि नोटबंदी के बड़े उद्देश्यों में एक भारत को कम नगदी वाली अर्थव्यवस्था (लेस कैस इकॉनमी) बनाकर सिस्टम में काले धन के प्रवाह को घटाना था। तब के मुकाबले अब सर्कुलेशन में कम करंसी रह जाने से स्पष्ट होता है कि यह उद्देश्य पूरा हो चुका है। 

- जेटली ने अपनी विस्तृत पोस्ट में नोटबंदी के बाद टैक्स का दायरा बढ़ने का भी हवाला दिया। उन्होंने लिखा कि आम लोगों के साथ-साथ संस्थानों पर भी शिकंजा कसा गया। वित्त मंत्री ने लिखा, 'इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने 1150 शेल कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की जिनका 22,000 बेनेफिशअरीज ने 13,300 करोड़ रुपये के काले धन को सफेद करने में किया।'