यहां 'जन्नत' में रहते हैं यौन अपराधी!

नई दिल्ली(23 मई) : अमेरिका के फ्लोरिडा में स्थित ये गांव कभी गन्ने की खेती करने वालों का ठिकाना हुआ करता था, लेकिन आज यह अलग-अलग जगहों से आए लोगों की शरणस्थली बन गया है। इनमें से ज्यादातर यौन अपराधों की सजा काटकर आए हैं।

तमाम प्रतिबंधों के चलते इन्हें कहीं रहने की जगह नहीं मिली, तो इन्होंने मिरेकल नाम के इस गांव को अपना ठिकाना बनाया। गौरतलब है कि अमेरिका में यौन अपराधियों के खिलाफ बहुत सख्त कानून हैं और उन्हें आसानी से रहने के लिए घर नहीं मिलते।

यौन अपराधियों के लिए सख्त कानून

यहां राज्यों के अपने अलग कानून हैं। फ्लोरिडा के कानून सबसे ज्यादा सख्त हैं। यहां यौन अपराधियों को कहीं भी आने-जाने से पहले पब्लिक अफसर को सूचित करना पड़ता है। इसके अलावा, उन्हें रात 10 बजे से लेकर सुबह के 6 बजे तक कहीं भी आने-जाने की मनाही होती है। यौन अपराधियों के लिए स्कूल, डे केयर सेंटर, पार्क और मैदान से 1,000 फीट दूर रहना ज़रूरी है। कुछ लोगों को जीपीएस मॉनिटर एंकल ब्रेसलेट पहननी होती है, जिसके जरिए हर वक्त उन पर नजर रखी जाती है।

2009 में बना यौन अपराधियों का ठिकाना

इन परेशानियों को देखते हुए 2009 में स्थानीय पादरी ने इसे यौन अपराधियों के गांव के रूप में तब्दील कर दिया। पादरी डिक वीथ्रो के प्रयास से वीरान पड़े इस गांव में यौन अपराध की सजा काटने वालों को रहने की जगह मिली। यह गांव आज ऐसे लोगों के सबसे पसंदीदा ठिकानों में से है। इसे यौन अपराधियों की जन्नत भी कहा जाता है। इस वक्त यहां 150 रजिस्टर्ड यौन अपराधी रह रहे हैं। इसके अलावा हर हफ्ते ऐेसे दो दर्जन से ज्यादा लोग यहां रहने के लिए आवेदन करते हैं, जिनकी पृष्ठभूमि हिंसा या ड्रग्स से जुड़ी रही है या फिर वे बच्चों के यौन शोषण के दोषी रहे हैं। इस गांव में बच्चों के साथ रहने की छूट नहीं है।

आत्मनिर्भर है ये गांव

इस गांव में रहने वाला यह समुदाय आत्मनिर्भर है। यहां गुस्से को काबू करने से लेकर बाइबिल पढ़ने तक तमाम तरह की क्लासेस चलती हैं। इसके अलावा, यहां रहने वाले बहुत से अपराधी पृष्ठभूमि के लोग मनोवैज्ञानिक उपचार के कार्यक्रमों में भी शामिल होते हैं और नियमित रूप से चर्च जाते हैं। वहीं, कुछ स्थानीय स्तर पर ही छोटी-मोटी नौकरियां भी करते हैं।