कर्नाटक का नाटक: फ्लोर टेस्ट के दौरान कांग्रेस-JDS खेमे के लिंगायत विधायकों पर नजर

नई दिल्ली (19 मई): कर्नाटक की राजनीतिक जंग की आखिरी रणभेरी आज बजने वाली है। आज कर्नाटक में येदियुरप्पा सरकार की अग्निपरीक्षा है, शाम 4 बजे फ्लोर टेस्ट होना है। हालांकि बीजेपी और कांग्रेस दोनों का दावा है कि मैजिक नंबर उनके पास है, लेकिन चंद घंटों में ही ये सामने आ जाएगा कि विधानसभा के नंबर गेम में बीजेपी को मिलेगी जीत या फिर कांग्रेस-जेडीएस के हाथ होगी सत्ता की कमान।

इस दौरान सभी नजरें कांग्रेस और जेडीएस खेमे के 18 विधायकों पर होगी, जो लिंगायत समुदाय से आते हैं। बीजेपी के कई नेताओं का मानना है कि विपक्षी दलों के लिंगायत विधायक, राजनीतिक भविष्य और अपने समुदाय के गुस्से से बचने के लिए क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं।

कर्नाटक के एक बीजेपी नेता ने कहा, 'लिंगायत समाज के लोग अपने समुदाय को बांटने की कांग्रेस की कोशिश से नाराज हैं। कांग्रेस पार्टी के लिंगायत विधायक तो इस बात से और भी नाराज हैं कि उनकी पार्टी ने जेडीएस के साथ जाने का फैसला लिया है, जो कि लिंगायत विरोधी मानी जाती है। सबसे बड़ी बात कि लिंगायत समुदाय से आने वाले विधायक अपने ऊपर इस बात का इल्जाम नहीं लगने देना चाहते हैं कि उन्होंने एक लिंगायत (येदियुरप्पा) को मुख्यमंत्री नहीं बनने दिया।'  

उन्होंने बताया, 'सीएम पद की शपथ लेने के बाद बी एस येदियुप्पा ने विधायकों से अंतरात्मा की आवाज पर वोट देने की अपील की थी, जिसका लक्ष्य विपक्षी दलों के लिंगायत विधायकों को अपनी तरफ खींचना था। उत्तरी कर्नाटक से आने वाले कई कांग्रेसी विधायक यह मानते हैं कि येदियुरप्पा की हार से केवल लोकसभा चुनावों में लिंगायत वोट बीजेपी के पक्ष में ही जाएंगे।'