बाढ़ से बेहाल आधा हिंदुस्तान, डूबे गांव, टूटे रिकॉर्ड

नई दिल्ली (21 अगस्त): आधा हिंदुस्तान बाढ़ से बेहाल है। लहर के कहर से बड़ी बड़ी इमारतें ताश के पत्ते की तरह जमींदोज़ हो रही है। मुसलाधार तबाही में अब तक पांच सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश , बिहार, राजस्थान , छत्तीसगढ़, झारखंड में नदियां तांडव मचा रहीं हैं। इन राज्यों से बेबस इंसानों की खौफजदा तस्वीरें आ रही हैं।

राजस्थान के कई गांव डूबे राजस्थान के बारां जिलें के कई इलाके बुरी तरह से बाढ़ के चपेट में आ गए हैं। कई गांवों में हजारों लोग बाढ़ में फंसे हुए हैं। एयरफोर्स का हेलीकॉप्टर एमआई- 17 टापू पर फंसें लोगों को बचाने में जुटा हुआ है। एयरफोर्स ने अब तक 10 जगहों पर 34 लोगों को 'एयरलिफ्ट' किया है। बताया जा रहा है कि बारां से गुना, भोपाल, झालावाड़ जाने वाले सभी रास्ते बंद हो चुके हैं। 

उत्तराखंड में फटा बादल बारिश और बाढ़ से तबाही की बड़ी खबर पहाड़ से भी आई है। उत्तराखंड के पौड़ी जिले में बादल फटने के बाद पहाड़ से बड़े पत्थर गिरने से एक घर ढह गया और उसमें रहने वाले एक ही परिवार के सात सदस्यों की मौत हो गई। जिले के मरचुला गांव में शाम तकरीबन सात बजे बादल फटा था जिसके बाद पत्थर पहाड़ पर से एक घर पर गिरे, जिस वजह से मकान तबाह हो गया। मकान में 75 साल के दीपक सिंह और उनके दो बेटों का परिवार रहता था। बादल फटने की वजह से पौड़ी-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग भी बंद हो गया है।

बिहार में भी तांडव गंगा के इस तांडव की चपेट में आकर बिहार के कई जिलों पर संकट मंडरा रहा है , पटना के अलावा बक्सर, भोजपुर, मुंगेर, सारण, वैशाली, भागलपुर और समस्तीपुर में बाढ़ से लोग बेहाल हैं। गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर की वजह से खतरा और भी गंभीर हो गया है। प्रशासन से इन सभी को अलर्ट कर दिया है।

पटना में गंगा ने तोड़ा 40 साल का रिकॉर्ड पटना में में गंगा की गर्जना ने अब तक के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिये हैं। गांधी घाट के पास गंगा का पानी शहर में दाखिल हो गया है। इससे पहले 1975 में पटना में बाढ़ आई थी। बिहार की राजधानी में एक बार फिर वैसा ही खतरा दिख रहा है। गंगा के वेग ने गांधी घाट के पास की रेलिंग तोड़ दी है।

मध्यप्रदेश में 24 घटों में 20 लोगों की मौत  मध्यप्रदेश से आ रही तस्वीरें भी काफी डरावनी है। भारी बारिश ने यहां ऐसी तबाही मचाई है कि लोगों ने सुध-बुध खो दिए हैं। पिछले 24 घटों के दौरान यहां 20 लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम विभाग ने जिले के आस-पास के ईलाकों में 25 अगस्त तक का हाई एलर्ट जारी किया है। प्रशासन इस तबाही को देखते हुए सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी है। सेना और एसडीआरएफ टीम ने मोर्चा संभाल लिया है।

पिछले चार दिनों से हो रही लगातार बारिश से देश का दिल मध्य प्रदेश पानी में गर्क होता जा रहा है। हालात बेकाबू होने के बाद सेना और एनडीआऱएफ की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया है। राहत और बचाव काम के लिए हलिकॉप्टर बाढ़ प्रभावित इलाकों पर मंडराने लगे हैं। प्रशासन ने बाढ़ प्रभावित सभी जिलों को अलर्ट कर दिया है। जानो माल को बचाने की इंसानों की हर कोशिशे नाकाम होती जा रही है। नदियों ने रौद्र रूप एख्तियार कर लिया है।

नदियां उफन रही है, जिंदगी डूब रही है और लहरों की विनाशलीला जारी है। इन राज्यों में आपदा विभाग के जरिए दी ज रही राहत ऊंट के मुह में जारी साबित हो रही है। इस हाहकारी बाढ़ में प्रशसान को जितना अलर्ट रहना चाहिए तैयारियों के देखकर ऐसा लगता नहीं है।