बाढ़ से बेहाल आधा हिन्दुस्तान, जानिए कितना हुआ नुकसान...

डॉ. संदीप कोहली, नई दिल्ली (3 अगस्त): देश के कई राज्यों में इन दिनों आसमान से पानी नहीं आफत बरस रही है। पहाड़ी ही नहीं, मैदानी इलाकों में भी भारी बारिश हो रही है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले 4-5 दिनों में भारी बारिश और होगी। महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तराखंड, असम, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक और जम्मू-कश्मीर भारी बारिश के कारण बाढ़ की चपेट में हैं। नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से इतना ऊपर पहुंच चुका है कि किनारों को तोड़ कर पानी गांवों और कस्बों में भर गया है। 

महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश में कई दिनों से बारिश कहर ढहा रही है। महाराष्ट्र के रायगढ़ में सावित्री नदी में आई बाढ़ से मुंबई-गोवा को जोड़ने वाला 110 साल पुराना पुल बह गया। पुल के साथ दो बस और कुछ कारें भी बह गई। हादसे के बाद 22 लोग लापता हैं। दो लाशें बरामद की गई हैं। नासिक और अहमदनगर में 24 घंटे में ही पूरे सीजन की बारिश हो चुकी है। दक्षिण गुजरात में 24 घंटे के अंदर 432 मिलीमीटर बारिश हुई है।

बिहार में बाढ़ से अब तक 22 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 10 हजार से ज्यादा घर क्षतिग्रस्त हो गए हैं। वहीं असम के 21 जिलों में बाढ़ की वजह से 20 लोगों की मौत हो गई और 17 लाख से अधिक लोग प्रभावित हैं। बिहार के साथ असम में बाढ़ से हालात बदतर बने हुए हैं। 15 मौतों के साथ दोनों राज्यों में बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 72 तक पहुंच गई। उधर, हिमाचल प्रदेश में भी जमकर बारिश हुई। लैंड स्लाइड से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। मनाली, शिमला, नाहन और रामपुर नेशनल हाईवे समेत राज्य के छोटे-बड़े करीब 150 रास्ते बंद हो गए हैं। 13 राज्यों में भारी बारिश हो रही है। जानिए इन राज्यों का हाल...

1- महाराष्ट्र

- रायगढ़ में सावित्री नदी में आई बाढ़ से मुंबई-गोवाको जोड़ने वाला पुल बहा। - ये पुल मुंबई-गोवा हाइवे पर महाड और पोलादपुर के बीच था।  - इसे अंग्रेजों ने 110 साल पहले बनवाया था, पुल का 80 फीसदी हिस्सा बह चुका है। - पुल के साथ दो बस और कुछ कारें भी बह गई, हादसे के बाद 22 लोग लापता हैं। - जो बसें बहीं है, उनमें से एक में 22 पैसेंजर थे, दूसरी बस में के बारे में जानकारी नहीं मिल सकी। - लोगों की तलाश में आर्मी और NDRF की टीमें रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं। - इन टीमों ने दो लाशें नदी के करीब झाड़ियों से बरामद की हैं। - मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि वह हालात पर नजर रखे हुए हैं।  - नासिक में मंगलवार को सिर्फ नौ घंटे में 141 मिमी बारिश हुई।  - नांदूर मध्यमेश्वर बांध से पानी छोड़ने की वजह से कई गांवों में पानी भर गया। - गोदावरी में पानी बढ़ने से नासिक जिले के 92 गांव बाढ़ से घिरे हैं। - अहमदनगर में 24 घंटे में 481 मिमी बारिश हुई।  - महाराष्ट्र में इस मानसून की एक दिन में हुई ये अब तक की सबसे ज्यादा बारिश है। - अहमदनगर की मुला नदी में 20 साल बाद 86 हजार क्यूसेक पानी आया है।  - मंगलवार को मुंबई, विदर्भ और अमरावती में लगातार बारिश हो रही है। - पश्चिम महाराष्ट्र के पुणे, कोल्हापुर, सतारा, सांगली, सोलापुर में भी अच्छी बरसात हुई।

2- गुजरात

- गुजरात के कई हिस्सों में रातभर हुई भारी बारिश के कारण वालसाड़, नवसारी और सूरत जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। - दक्षिण गुजरात के वापी में मंगलवार सुबह 24 घंटे में 432 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई, पूरा इलाका बाढ़ की चपेट में आ गया है। - अधिकारियों ने बताया कि वालसाड़ के भग्रवाड़ा गांव में तीन लोगों की डूबने से मौत हो गई। - जबकि छोटा उदयपुर के बोडेली के निकट ओरसंग नदी में दो अन्य लोग डूब गए। - दक्षिण गुजरात में वालसाड़ में बीते 24 घंटों में आज सुबह तक 245 मिमी बारिश हुई है। - नवसारी में 96 मिमी, डांग में 104 मिमी बारिश हुई है। - पूर्वी-केंद्रीय गुजरात में छोटा उदयपुर में 28 मिमी बारिश हुई है।  - राज्य में 299.27 मिमी या औसत की 37.55 फीसदी बारिश हुई है। - तटीय वालसाड़ के कोसांबा इलाके से भारतीय तटरक्षक बल के हैलिकॉप्टर ने 28 लोगों को बचाया है।

3- बिहार

- बिहार में बाढ़ से अबतक 60 की मौत, 29 लाख आबादी प्रभावित हुई है। - आपदा प्रबंधन विभाग के जारी आकंड़ो के मुताबिक पूर्णिया में 24, कटिहार में 15 व्यक्ति की मौत हुई।  - सुपौल में 8, किशनगंज में 5, मधेपुरा में 4, गोपालगंज में 2 मौत हुई है। - बिहार में गंगा नदी भागलपुर में, घाघरा नदी सीवान में खतरे के निशान से उपर बह रही है। - बागमति नदी बेनिबाद में, कोसी नदी खगडिया में और महानंदा नदी कटिहार में खतरे के निशान से उपर है। - बिहार में बाढ के कारण प्रदेश के 12 जिलों के 68 प्रखंडों के 2220 गांवों की कुल 29 लाख आबादी बेघर हो गयी है। - पूर्णिया, किशनगंज, अररिया, दरभंगा, मधेपुरा, भागलपुर, सुपौल, सहरसा, कटिहार, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण। - बिहार में बाढ से 1.20 लाख हेक्टयर में लगी फसल की क्षति हुई है तथा 3.77 लाख लोग 460 सरकारी राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं। - बाढ प्रभावित इलाके में बीमार लोगों के इलाज के लिए 175 मेडिकल टीमों की प्रतिनियुक्ति की गयी है। - बाढ प्रभावित इलाकों में लोगों के बीच 188349 खाद्य सामग्री के पैकेट वितरित किए गए हैं। - नेपाल से आ रहा पानी मुसीबत की वजह तो था ही, बिहार में बारिश ने हालात और खराब कर दिए। - सिर्फ पटना में 44 मिमी बारिश हुई, 10 जिले बाढ़ग्रस्त हो चुके हैं, बाढ़ से 18 लाख लोगों पर असर पड़ा है। - डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के मुताबिक एक लाख हेक्टेयर में बाढ़ का असर है, 50 हजार हेक्टेयर में खड़ी फसलों को नुकसान हुआ है। - अभी तक 3 लाख 88 हजार 416 लोगों ने सेफ जगहों पर शरण ली है। - बिहार में पिछले 24 घंटे के दौरान बिजली गिरने से चार महिलाओं समेत 6 की मौत हो गई। इस सीजन में बिजली गिरने से मरने वालों का आंकड़ा 82 तक पहुंच गया है। - खगड़िया में कोसी और गंडक नदियां मिलकर कहर बरसा रही हैं। ॉ - पानी के बढ़ते जल स्तर के चलते इलाके के कई गांव जल मग्न हो गए हैं और वहां पर पहुंचने का एक मात्र जरिया सिर्फ नाव ही रह गया है। - चंपारण में भी पानी के बढ़ते जल स्तर के डर से मोतिहारी के कई इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। - गंडक बराज से पानी छोड़े जाने के बाद जारी रेड अलर्ट को देखते हुए सरकार ने लोगों को सुरक्षित जगह पहुंचाना शुरू कर दिया है। साथ ही प्रशासन ने 18 कैंप भी बनाएं।

4- असम

- असम में बाढ़ से 31 लोगों की मौत हो चुकी है। 20 लाख लोग इससे प्रभावित हैं। - असम में 21 जिलों के 2266 गांवों के लोगों ने 463 राहत शिविरों में शरण ली हुई है।  - यहां के मोरीगांव, जोरहट, डिब्रूगढ़ में सड़क से संपर्क टूट चुका है। - कोकराझार, बोनाईगांव और गोलाघाट में भी पानी रिहाइशी इलाकों तक घुस आया है। - राज्य के 21 जिलों के करीब 17 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। - NDRF-SDRF की टीम लोगों को सेफ जगहों पर पहुंचा रही हैं। - असम का भी बाढ़ से बुरा हाल है। ब्रह्मपुत्र नदी उफान पर है, जिससे कई इलाकों में बाढ़ का पानी घुसने का लगातार खतरा बना हुआ है। - वहीं काजिरंगा नेशनल पार्क में भी बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, खतरे को देखते हुए वन विभाग की टीम ने कई जानवरों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। - लेकिन बाढ़ में अब तक 7 गैंडों समेत 25 से ज्यादा जानवरों की मौत हो चुकी है।

5- पश्चिम बंगाल

- पश्चिम बंगाल के तीन जिलों में बाढ़ का पानी भरने से 70,000 लोग प्रभावित हुए हैं।  - पिछले 4 दिनों में बाढ़ से 12 लोगों की मौत हो गई है, जलपाईगुड़ी में सतर्कता जारी की गई है। - स्थिति को देखते हुए अधिकारियों ने जलपाईगुड़ी में रेड अलर्ट जारी कर दिया है। - अलीपुरद्वार, जलपाईगुड़ी और कूचबिहार के 150 गांवों में 58 हजार लोग प्रभावित हैं। - बाढ़ से सबसे ज्यादा कालचीनी, चिटमहल, कुमारग्राम, फुलबाड़ी और डाबग्राम प्रभावित हुए हैं। - कालचीनी, छीटमहल, कुमारग्राम, फूलबाड़ी व डबग्राम में स्थिति भयानक बनी हुई है।  - सिक्किम तथा भूटान में बारिश के कारण डुआर्स के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ गया है।  - पिछले दिनों 169 मिलीमीटर बारिश उत्तर बंगाल में हुई है। इतनी ही बारिश चेरापूंजी में हुई थी।  - बागडोगरा में 165 मिलीमीटर और कूचबिहार में 109 मिलीमीटर बारिश हुई है।

 

6- मध्यप्रदेश

- पूरे मध्यप्रदेश में बारिश का दौर जारी है, निमाड़ में लगातार दूसरे दिन तेज बारिश से नर्मदा उफान पर है। - मध्यप्रदेश में वर्षा और बाढ़ से अब तक 34 मौत, प्रदेश के 34 जिलों में सामान्य से अधिक वर्षा दर्ज। - प्रदेश में 2,487 मकान पूर्ण रूप से और 19,283 आंशिक तौर पर क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। - पानी बढ़ने से ओंकारेश्वर डैम के पांच गेट एक साथ खोले गए, यहां नर्मदा नदी सामान्य से 12 फीट ऊपर बह रही है। - ग्वालियर अंचल में तेज बारिश से मड़िखेड़ा डैम (अटल सागर) के 6 गेट खोलने पड़े। - भोपाल के आसपास बारिश होने से केरवा डैम में पानी का लेवल बढ़ गया, यहां बुधवार रात दो गेट खोलने पड़े। - प्रदेश के रायसेन, शिवपुरी, होशंगाबाद, खंडवा, झाबुआ में बारिश के चलते कई नदी-नाले उफान पर हैं। - अलीराजपुर में नदी का रपटा पार कर रहे मगर सिंह और कमना डावर की नदी में बहने से मौत हो गई। - भोपाल, रायसेन, होशंगाबाद, सागर और बैतूल जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। - दूसरी तरफ चंबल नदी भी अपने उफान पर है, जिसके चलते नगदा में बाढ़ के हालात बन गए हैं। - नागदा का चामुंडा नदी जलमग्न हो गया है। लोग सुबह जब मंदिर पहुंचे तो वो नदी में डूबा हुआ दिखाई दिया।

 

7- उत्तराखंड

- उत्तराखंड में भी लगातार हो रही बारिश से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। - देहरादून में टोंस नदी में डूबने से 20 साल के एक इंजीनियरिंग स्टूडेंट की मौत हो गई। - राज्य में लैंड स्लाइड के चलते ट्रैफिक पर भी असर हुआ है।  - ऋषिकेश-बद्रीनाथ और ऋषिकेश-गंगोत्री हाईवे पिछले चार दिनों से बंद है, चारधाम यात्रा प्रभावित हुई है। - राज्य में अभी तक 58 लोगों की मौत हो चुकी है और कई घायल हैं। राज्य में बहने वाली अधिकतर नदियां उफान पर हैं। - भूस्खलन की वजह से कई रास्ते बंद हो गए हैं,उत्तर काशी के सभी छोटे बड़े पुल बह गए हैं - मसूरी में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश लोगों के लिए मुसीबत बन गई है। शहर की अधिकांश सड़कें भारी बारिश के बाद टूट गई हैं। - टिहरी उत्तरकाशी का मुख्य मार्ग एक हफ्ते से पूरी तरह से बंद पड़ा है, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। - कालाढ़ूगी में दो बाइक सवार बुधवार को बारिश के बाद एक नाले में बह गए, जिन्हें लोगों ने बचाया। - प्रदेश के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश हो रही है। देवप्रयाग में कई जगह सड़कें टूट गई हैं। - केदारनाथ और बद्रीनाथ जाने वाले तीर्थयात्री बीच रास्ते में फंस गए हैं। कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुई। - यहां अलकनंदा नदी में बाढ़ के चलते स्कूली बच्चे रस्सी की ट्राली से नदी पार करने पर मजबूर हैं।

 

8- उत्तर प्रदेश

- नेपाल में हो रही भारी बारिश उत्तर प्रदेश के लिए मुसीबत बन गयी है, बाढ़ से उफनाई नदियों का कहर जारी है।  - शारदा, घाघरा, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कुन्हरा और रोहिनी नदियों ने कई जिलों में कोहराम मचा रखा है।  - अब तक प्रदेश के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गये हैं। दर्जनों घर उफनाती नदियों में समा चुके हैं। - बाढ़ से अब तक 8 लोगों की मौत हो चुकी है।  - सिद्धार्थनगर में एक बच्चे की डूबकर मौत हो गई वहीं बानगंगा, बूढ़ी राप्ती का पानी करीब 300 गांवों में घुस गया है।  - कुशीनगर में नारायणी नदी भी खतरे के निशान से नीचे है पर बांध के किनारे की आबादी दहशत में है।  - महराजगंज में रोहिन और नारायणी के पानी से करीब दो दर्जन गांवों के सिवान में पानी पहुंच गया है। - बहराइच में घाघरा व सरयू नदी की बाढ़ से सैकड़ों गांव घिरे हैं।  - श्रावस्ती के भाखला बैराज पर राप्ती लाल निशान से 69 सेमी ऊपर बह रही है।  - गोंडा में सरयू व घाघरा दोनों नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। 9 लोगों के आशियाने नदी में समा गए हैं।  - बलरामपुर में राप्ती खतरे से 58 सेमी. ऊपर है। पहाड़ी नालों में भी जबरदस्त उफान है।  - फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, कानपुर, उन्नाव तथा फतेहपुर में गंगा उफान पर है।  - सीतापुर में शारदा-घाघरा नदियों के जल स्तर में आज पानी कम होते ही कटान तेज हो गया।  - लखीमपुर में बारिश ने शारदा व घाघरा का गुस्सा बढ़ा दिया। पलिया में शारदा खतरे से ऊपर है। - अंबेडकरनगर में घाघरा खतरे से 30 सेंमी ऊपर है। रायबरेली के डलमऊ में गंगा उफान पर हैं। - बरेली में आज झमाझम बारिश के बीच नानक सागर डैम से छोड़े गए पानी से बहगुल नदी का जलस्तर बढऩे की आशंका है। - पीलीभीत में वनबसा बैराज से शारदा नदी में पानी छोड़े जाने के बाद बाढ़ जैसे हालात हैं।  - बदायूं में गंगा के गुस्साने से सहसवान क्षेत्र और गंगा के तटीय इलाके के ग्रामीण सहमे हैं।  - शाहजहांपुर में नदियां खतरे के निशान से बहुत नीचे हैं। अलीगढ़ में गंगा खतरे का सबब बन रही है। - मेरठ मंडल में कई जगह मूसलाधार बारिश हुई। बिजनौर में गंगा, रामगंगा समेत सभी बरसाती नदियां उफन गयी हैं।  - सहारनपुर के घाड़ क्षेत्र में बरसाती नदियां उफान पर हैं और कई गांव का संपर्क कट गया है।  - मुरादाबाद मंडल की नदियों में जलस्तर जरूर बढ़ा है पर अभी बाढ़ की स्थिति नहीं है।  - अमरोहा जिले के तिगरी में बिजनौर बैराज से एक लाख क्यूसेक पानी और छोड़ेने से गंगा उछल रही है। 

 

9- हिमाचल प्रदेश

- हिमाचल में हुई मुसलाधार बारिश के बाद जहां सतलुज, ब्यास नदियां उफान पर हैं - पर्यटकों की सबसे पसंदीदा जगह कुल्लू इन दिनों बाढ़ की चपेट में हैं। - भारी बारिश के बाद पहाड़ों से नीचे आ रहे पानी ने कुल्लू शहर में कोहराम मचा दिया है। - सरबरी और व्यास नदियां उफान पर हैं और उसके पानी से कुल्लू बस स्टैंड के आस-पास पानी की झील सी बन गई है। - हालात की गंभीरता को देखते हुए निचले इलाके को खाली भी करा लिया गया है।

 

10- जम्मू-कश्मीर

- जम्मू-कश्मीर में कई नदियां उफान पर हैं। जम्मू में बाढ़ में बहे 2 स्कूली बच्चों की मौत हो गई। - जबकि राजौरी में महिला की मकान ढहने और पुंछ की मेंढर तहसील में नदी में बहने से एक अज्ञात महिला की जान चली गई। - उधर जम्मू-कश्मीर में चिनाब अपने अब तक के सबसे रौद्र रूप में दिखाई दे रही है। - पानी के बढ़ते स्तर को देखते हुए नदी से सटे अखनूर और दूसरे निचले इलाकों में अलर्ट भी जारी कर दिया गया है। - श्रीनगर में मंगलवार-बुधवार को 10 सेंटीमीटर बारिश हुई। बारिश का पानी रिहाइशी इलाकों में घुस गया। - जम्मू में बुधवार को 6 घंटे तक हुई बारिश से सड़कें पानी से लबालब हो गईं। - राजौरी जिले में नदियां और कई बरसाती नाले उफान पर हैं। राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। - जम्मू में बारिश ने पिछले 30 वर्षों का रिकॉर्ड तोड़ दिया। पिछले 24 घंटों में 172.7 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड की गई।