बाढ़ से बेहाल आधा हिन्दुस्तान, जानिए कहां कितना हुआ नुकसान...

नई दिल्ली (23 अगस्त): आधा हिंदुस्तान इस वक्त बाढ़ से बेहाल है। देश के 6 राज्यों में बाढ़ का कहर टूटा हुआ है। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान और गुजरात में पानी ने हाहाकार मचाया हुआ है। अब तक इन राज्यों में करीब 500 लोगों की मौत हो चुकी है। अनुमान के मुताबिक 50 लाख लोग बेघर हुए हैं। सिर्फ मध्य प्रदेश में अब तक 102 लोगों की जान बाढ़ से जा चुकी है। करीब 3 लाख 80 हजार लोग बेघर चुके। बिहार की हालत तो और बुरी है यूपी और एमपी से छोड़े गए पानी से गंगा, कोसी समेत आधा दर्जन नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। यूपी में भी हालात ऐसे ही हैं। इसके अलावा गुजरात के वडोदरा में भी लगातार बारिश की वजह से कई इलाकों में पानी भर गया है। जानिए इन राज्यों का हाल...

बिहार- गंगा ने तोड़ा 40 साल का रिकॉर्ड, 12 जिलों में मचा हाहाकार... - बाढ़ से प्रभावित पटना समेत 12 जिलों के लिए अगले 24 घंटे अहम हैं। - बिहार की तीन नदियां गंगा, सोन और पुनपुन उफान पर है। - इससे ज्यादा प्रभावित पटना, वैशाली, भोजपुर, बेगूसराय, मुंगेर और भागलपुर के दियरा का इलाका है। - बिहार में गंगा ने 40 सालों का अपना रिकॉर्ड तोड़ दिया है।  - पटना सहित प्रदेश के कई शहर और गांवों में नदियों का पानी घुस गया है।  - सूबे में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। - राज्य का यह हाल तब है जब बिहार में कम बारिश हुई है। - पटना में ऐसा नजारा इससे पहले 1975 में देखने को मिला था। - एमपी के वाणसागर डैम से छोड़ा गया 11 लाख 67 हजार घन क्यूसेक पानी इंद्रपुरी बराज पहुंचा। - इससे पहले 1975 में अब तक का रिकार्ड 14 लाख 48 हजार घन क्यूसेक पानी पहुंचा था। - 13 एनडीआरएफ और 12 एसडीआरएफ की बटालियन को तैनात किया गया है। - पटना में बढ़ते खतरे को दखते हुए निचले इलाकों से 5000 लोगों को निकाला गया है। - पटना जिला के 25 पंचायतों में फिलहाल बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।  - गंगा नदी में आए उफान से बिहार में अबतक 2 लाख 74 हजार लोग बेघर हो गए हैं।  - 23 पंचायतें तो पूरी तरह से बाढ़ की चपेट में हैं।  - पटना के 79 गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है।  - पटना का 5478 हेक्टेयर जमीन पानी में समा गई है। - पटना के दीघा घाट, गांधी घाट और हाथीदह में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है गंगा। - पटना के बाद सासाराम और औरंगाबाद के 25 ऐसे गांव हैं जिनका मुख्यालय से संपर्क टूट चुका है। - इंद्रपुरी बराज से छोड़े गए पानी से सारण में डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित हुई है। - सोमवार को खगड़िया में जमींदारी बांध पानी का दबाव नहीं झेल पाया और टूट गया। - वहीं, गंगा में उफान से भागलपुर टापू जैसा बन गया है। - एनएच-19 पर तीन से चार फीट पानी को बहता देख छपरा-पटना रोड पर यातायात बंद कर दिया है। - गड़खा-भेल्दी-बसंत रोड का उपयोग करने को कहा गया है।  - छपरा के दक्षिण स्थित रिविलगंज प्रखंड के दर्जनभर गांव बाढ़ में पूरी तरह से बह गए हैं। - सबसे बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन दीदारगंज में हुआ, जहां 3400 लोगों को सुरक्षित निकाला गया। - बख्तियारपुर में 580, दानापुर में 545, छपरा में 380, वैशाली में 355 व मनेर में 15 लोग सुरक्षित निकाले गए। - NDRF के दिल्ली मुख्यालय में बाढ़ पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम 24 घंटे काम कर रहा है।

मध्य प्रदेश- विंध्य, बघेलखंड और मालवा के 31 जिलों में मचा हाहाकार... - मध्य प्रदेश में बारिश से बीते 80 दिनों में 102 लोगों की मौत हो चुकी है। - आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के अनुसार, प्रदेश में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। - 1 जून से 21 अगस्त की अवधि में 51 में से 31 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई। - इसी अवधि में बाढ़ और अति वर्षा से तीन लाख 79 हजार 542 आबादी प्रभावित हुई।  - बारिश से 2638 मकान पूरी तरह और 38 हजार 641 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए।  - बाढ़ के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में समय-समय पर संचालित राहत शिविरों की संख्या 135 रही है।  - जबलपुर जिले में सर्पदंश से हुई 14 लोगों की मौत इसमें शामिल है।  - रतलाम के सैलाना में एक दिन में एक महीने के बराबर पानी बरस गया, 24 घंटे में 30 सेमी बारिश हुई।  - रतलाम में 20, उज्जैन और गौतमपुरा में 17, जावरा और नीमच में 16 सेमी बारिश हुई।  - मंगलवार से जबलपुर, शहडोल और छिंदवाड़ा में फिर तेज बारिश होने के आसार हैं।  - तीन दिन से जारी बारिश से रीवा जिला टापू बन गया है, यहां कई इलाके पानी में डूबे हैं। - सेना के 60 जवान और दो हेलिकॉप्टर लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में लगे हुए है।  - छतरपुर, पन्ना, दमोह, इटारसी, बैतूल, हौशंगाबाद, रायसेन और टीकमगढ़ जिले में बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा रखी हैं।

उत्तर प्रदेश- गंगा, यमुना, राप्ती और केन नदियों ने मचाई तबाही...  - गंगा, यमुना, राप्ती और केन नदियों ने प्रदेश के कई जिलों में कोहराम मचा रखा है। - अब तक उत्तर प्रदेश के सैकड़ों गांव बाढ़ के पानी से जलमग्न हो गए हैं। - गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वाटर लेवल 71.95 मीटर पर पहुंच गया है, जबकि डेंजर लेवल 71.26 मीटर है।  - उप्र में इलाहाबाद, वाराणसी, गाजीपुर, बलियां और चंदौली जिलों में बाढ़ की वजह से स्थिति बेहद खराब हो गई है।  - गाजीपुर में बाढ़ का आलम यह है कि जिलाधिकारी आवास में भी पानी भर गया है।  - बाढ़ की स्थिति को देखते हुए इंटरमीडिएट तक के स्कूलों को दो दिन तक बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। - बलिया में गंगा और घाघरा नदियां उफान पर हैं, दो दर्जन से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गये हैं। - बलियां में 50 से अधिक बाढ़ चौकियां बनाई गई हैं। जहां अधिकारी स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।  - गाजीपुर और बलियां के अलावा बनारस और उससे सटे चंदौली जिले में भी बाढ़ का कहर जारी है।  - बनारस में स्थिति काफी चिंताजनक है। रिहायशी इलाकों में पानी भर गया है जिससे लोग सुरक्षित ठिकानों की ओर पलायन कर रहे हैं।  - अस्सी घाट, बनारस सिटी, कैंट, नगवा, सामने घाट सहित कई इलाके पानी में पूरी तरह से डूब गए हैं। - 35 हजार से ज्यादा लोग इससे प्रभावित हुए हैं, 75 से ज्यादा गांवों में गंगा वरुणा का पानी पहुंच चुका है।  - मणिकर्णिका समेत करीब सभी घाट डूब गए, इस वजह से चिताओं को गलियों में जलाया गया, गंगा आरती छतों पर हो रही है। - बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए कॉलोनियों और गलियों में बोट चलाई गईं। - बाढ़ से अभी तक करीब 35 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। - यहां का वॉर्निंग लेवल- 70.262 है। डेंजर लेवल- 71.262 और अब तक हाइएस्ट लेवल- 73.901 (साल 1978) रहा है।  - काशी में 84 घाट हैं। सभी डूब गए हैं। गंगा का जल स्‍तर बढ़ने से करीब 70 से 75 इलाके प्रभावित हैं। इसमें करीब 30 गांव शामिल हैं। - गंगा में वाटर लेवल बढ़ने पर वरुणा नदी के आसपास के इलाकों पर भी असर पड़ा है।  - करीब पांच हजार लोग प्रभावित हुए हैं। 2000 घरों में पूरी तरह से पानी भर गया है। - इलाहाबाद में गंगा और यमुना नदी खतरे के निशान से महज कुछ दूरी पर है। - बांदा में केन नदी खतरे के निशान पर है और यहां पर अब तक लगभग एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है। - हमीरपुर में भी ये हालात छिपे नहीं हैं, यहां हाइवे पर लगभग तीन फीट पानी भरा हुआ है।

राजस्थान... - राजस्थान के पाली, सिरोही, जालौर, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ और झालावाड़ में भारी बारिश के कारण बाढ़ के हालात हैं। - सेना और एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल) की मदद से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। - प्रदेश के 281 प्रमुख बांधों में से 77 बड़े और 148 छोटे बांध लबालब हो गए हैं। - राजस्थान में मानसून ने 14 दिन बाद चित्तौड़गढ़ में रविवार को फिर बाढ़ के हालात पैदा कर दिए। - तेज बारिश के बाद उफान पर आई गंभीरी नदी ने शहर की कई कॉलोनियों, बाजार और बस स्टैंड पर हालात गंभीर कर दिए।  - राजस्थान के लसाड़िया-उदयपुर रोड पर एक प्राइवेट बस पुलिया पार करते समय गोमती नदी के पानी में फंस गई।  - वहां मौजूद लोगों ने सभी 50 पैसेंजर्स और ड्राइवर-कंडक्टर को बाहर निकाल लिया।  - इनके निकलने के कुछ देर बाद ही बस पानी में बह गई। उसका देर शाम तक पता नहीं चला।

गुजरात... - वडोदरा की महीसागर आई उफान पर, 150 गांव मुश्किल में फंसे - वडोदरा की महीसागर नदी उफान पर आ गई है।  - उफन रही महीसागर के चलते वडोदरा जिले के करीब 150 गांव मुसीबत में फंस गए हैं। - सबसे ज्यादा असर वडोदरा के पास स्थित सिंघरोट गांव में हुआ है।  - पूरे गांव में नदी का पानी घुस गया है।  - महीसागर में आई बाढ़ के चलते नदी किनारे स्थित 36 गांवों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है।  - एनडीआरएफ की 6 टीमें इन गांवों में बचाव कार्य के लिए पहुंच गई हैं।  - सिंघरोट के अलावा वडोदरा जिले का पादरा गांव भी बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 

उत्तराखंड... - पौड़ी जिले में बादल फटने की वजह से दो परिवारों के सात लोगों की मौत हो गई है।  - मरखोला गांव में तेज बारिश के कारण एक रिहायशी मकान के ध्वस्त हो जाने से यह हादसा हुआ है।  - मौके से पांच शव बरामद हुए हैं, दो लोग अभी भी लापता हैं, हादसे में दो-तीन लोग घायल भी हुए हैं।  - उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम विभाग ने भारी बारिश की चेतावनी दी है।  - मौसम विभाग ने अब गढ़वाल मंडल में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।  - विभाग ने अगले 24 घंटे पूरे गढ़वाल मंडल के कई जिलों में जगह-जगह भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।  - उत्तराखंड के जंगल में भारी बारिश के चलते पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आकर ग्रामीण बाला सिंह की मौत हो गई।  - वहीं बारिश के चलते गंगा नदी का जल स्तर 292.65 मीटर तक पहुंच चुका है।