डिपार्चर से पहले 24 घंटे में फ्लाईट कैंसल तो आपको मिलेगा 10,000 रुपए तक मुआवज़ा

नई दिल्ली (11 जून) :  फ्लाइट कैंसलेशन के मामले में एयरलाइंस की अव्यवस्थित नीतियों पर नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने गंभीर रुख अपनाया है। शनिवार को मंत्रालय ने यात्रियों को राहत देते वाले कई कदमों का एलान किया।

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक नागरिक उड्डयन मंत्री पी अशोक गजापति राजू ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि एयरलाइंस को ये सुनिश्चित करना होगा कि कैंसल्ड टिकट का रिफंड 15 दिन में हो जाए। उस सूरत में भी जब बुकिंग्स एजेंट्स या पोर्टल्स के ज़रिए हुई हो।

मंत्री ने कहा कि सभी टैक्स, लेवी, यूज़र और एयरपोर्ट डवलपमेंट चार्जेस को 'नो शो' या कैंसेलेशंस की स्थिति में वापस करना होगा।

अगर ओवरबुकिंग की स्थिति में बोर्डिंग से मना किया जाता है तो यात्री को मिलने वाले मुआवज़े को पहले की तुलना में कहीं ज़्यादा बढ़ाकर 20,000 रुपए कर दिया गया है।  

अगर डिपार्चर से पहले 24 घंटे में फ्लाइट कैंसल की जाती है तो उस स्थिति में भी मुआवज़ा बढ़ाकर 10,000 रुपए तक कर दिया गया है। इसके अलावा सभी तरह के किरायों पर रिफंड लागू होगा वो चाहें प्रोमोशनल हों या स्पेशल रेट्स।

ये यात्री पर निर्भर करेगा कि वो नकद रिफंड लेना चाहता है या अपने खाते में क्रेडिट करना चाहता है।