फ्लाइट लेट या कैंसल होने पर ऐसे पाएं मुआवजा

नई दिल्ली ( 13 जून ): अगर आपकी भी फ्लाइट लेट या कैंसल हो जाती है, तो परेशान न हों, क्योंकि इस स्थिति आप विमान कंपनी से मुआवजा मांग सकते हैं। जी हां अक्सर मॉनसून सीजन में फ्लाइट कैंसलेशन और देर ज्यादा होती हैं। जनवरी से अप्रैल के बीच 5.12 लाख पैसेंजर्स को 22 करोड़ रुपए का मुआवजा दिया गया है। अगर आपको फ्लाइट में सवार होने से रोका जाए, फ्लाइट कैंसल हो जाए या उसमें देर हो तो आपको क्या करना चाहिए? हम आपको बताते हैं।

-अगर एयरलाइन फ्लाइट में सवार होने से मना करे तो देखें कि आप कॉम्पेंसेशन ले सकते हैं या नहीं। बोर्डिंग के वक्त अगर कन्फर्म्ड टिकट हो और आप एयरलाइन की ओर से बताए गए समय पर पहुंच गए हों तो बोर्डिंग से इंकार किए जाने पर आप मुआवजा ले सकते हैं। अगर आपके पास वैलिड ट्रैवल डॉक्युमेंट नहीं है तो आप कॉम्पेंसेशन क्लेम नहीं कर सकते हैं।'

-अगर एयरलाइन फ्लाइट के तय वक्त के एक घंटे के भीतर दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर दे तो उस पर कॉम्पेंसेशन देने का दायित्व नहीं बनता।

-अगर फ्लाइट में देर 24 घंटे से कम की हो तो एयरलाइन की जिम्मेदारी बनती है कि वह यात्रियों को खाना और दूसरे रिफ्रेशमेंट्स दे। अगर देर 24 घंटे से ज्यादा की हो तो होटल और ट्रांसफर्स की सुविधा दी जानी चाहिए।

-फ्लाइट कैंसल होने पर यात्रियों को इसकी सूचना उसके तय डिपार्चर टाइम से कम से कम दो घंटा पहले दी जानी चाहिए। साथ ही, उन्हें यह विकल्प दिया जाना चाहिए कि वे रिफंड लेंगे या दूसरी फ्लाइट से जाना चाहेंगे। हालांकि कई बार अलग-अलग वजहों से होने वाली देर के लिए एयरलाइन पर मुआवजा देने की जिम्मेदारी नहीं बनती।

-अगर एयरलाइन फ्लाइट के तय वक्त के 24 घंटों के अंदर दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर दे तो

मुआवजा: बेसिक फेयर का 200%+ फ्यूल सरचार्ज (10,000 तक)

-अगर एयरलाइन फ्लाइट के तय वक्त के 24 घंटों के बाद दूसरी फ्लाइट का इंतजाम कर दे तो

मुआवजा: बेसिक फेयर का 400%+ फ्यूल सरचार्ज (20,000 तक)

-पैसेंजर अगर ऊपर के दोनों ऑप्शन नहीं चुनता

मुआवजा: टिकट की फुल वैल्यू का रिफंड और बेसिक फेयर का 400% सरचार्ज (20,000 रुपए तक)