ट्रेनों के किराए में बढ़ोतरी से सरकार के खाते में आएंगे 500 करोड़ रुपये, ये है पूरा गणित

नई दिल्ली (8 सितंबर): बुलेट ट्रेन का ख्वाब दिखाने वाले रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने अब तेजरफ्तार ट्रेनों में सफर करने वाले रेलयात्रियों पर किराए का बोझ बढ़ा दिया है। हाई स्पीड ट्रेनों में सफर 9 सितंबर से महंगा हो जाएगा। रेल मंत्रालय ने राजधानी, शताब्दी और दूरंतो एक्सप्रेस के किराए को एयरलाइंस की तर्ज पर तय करने का फैसला किया है। इस इजाफे से यात्रियों की जेब ढीली होनी तय है। वहीं रेलवे को हर साल अरबों की आमदनी होगी। 

एयरलाइंस की तर्ज पर अब जैसे-जैसे इन ट्रेनों की सीटें फुल होती जाएंगी, उसी रफ्तार से इसका किराया भी बढ़ता जाएगा। 10 फीसदी सीटें बुक होने के बाद सर्ज प्राइसिंग का ये फॉर्मूला लागू हो जाएगा। 

इसके तहत हर 10 प्रतिशत सीटें भरने के बाद किराए में 10 फीसदी का इजाफा होता चला जाएगा। मतलब ये कि कम सीटें उपलब्ध होने पर यात्रियों को हर सीट के लिए अधिक पैसे खर्च करने होंगे। हालांकि रेल मंत्रालय ने कहा है कि टिकट की अधिकतम सीमा तय होगी। इससे ज्यादा किराया नहीं बढ़ेगा। सेकेंड एसी का किराया 50 फीसदी तक बढ़ेगा, तो थर्ड एसी के किराए में ज्यादा से ज्यादा 40 फीसदी तक इजाफा होगा।

यात्री किराए का ये नया सिस्टम 9 सितंबर से लागू हो रहा है। रेल मंत्रालय की तरफ से अचानक किया गया ये ऐलान इन हाईस्पीड ट्रेनों में सफर करनेवालों के लिए किसी झटके से कम नहीं। 

फ्लेक्सी किराए का ये सिस्टम डिमांड के मुताबिक राजधानी, शताब्दी और दूरंतो के सेकेंड एसी, थर्ड एसी और चेयरकार पर लागू होगा। वहीं दूरंतो के स्लीपर क्लास के यात्री भी इसके दायरे में आएंगे। इन ट्रेनों के फर्स्ट एसी और एक्जिक्यूटिव क्लास के मौजूदा किराए में कोई बदलाव नहीं होगा। इस वक्त देश में 42 राजधानी, 46 शताब्दी और 54 दुरंतो ट्रेनें चल रही हैं।

क्या है पूरा गणित दिल्ली-राजधानी में IIIrd AC में कुल 100 सीटें हैं तो शुरुआती 10 सीटों का किराया 2085 रुपए ही रहेगा। अगली 10 सीटों के लिए आपको बेसिक फेयर 1628 का 10% ज्यादा यानी 163 रुपए देने होंगे। इस तरह कुल किराया 2248 रुपए हो जाएगा। 40% यानी 40 सीटें बुक होने पर बेसिक फेयर इसी तरह 10% बढ़ता रहेगा। 40 सीटें बुक होने के बाद यानी 41 से 100वीं सीट तक किराया 1.4 गुना ही लगेगा। यानी आपको आखिरी की 60 सीटों के लिए 2737 रुपए देने होंगे। 

क्या होगा असर अगर इस फॉर्मूले के असर की बात करें, तो मांग के आधार पर किराया 50 फीसदी तक बढ़ेगा। जिससे दूरंतो, राजधानी और शताब्दी जैसी ट्रेनों के आधे यात्रियों को डेढ़ गुना तक किराया चुकाना पड़ सकता है। रही बात रेलवे के फायदे की तो, उसे अकेले इस वित्त वर्ष में 500 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आमदनी होगी।

ऐसे समझे बढ़ने वाले किराए को फर्ज कीजिए की एक ट्रेन में 100 सीटें और उसका बेसिक किराया 100 रुपए। इसे आधार मानते हुए देखिए कैसे-कैसे पड़ेगा आपकी जेब पर बोझ। शुरुआत की दस फीसदी सीटों यानी 10 सीटों पर बेसिक किराया यानी 100 रुपए ही लगेगा। लेकिन अगली 10 फीसदी सीटों यानी 11-20 सीटों पर 10 फीसदी का इज़ाफा होगा और यात्री को 110 रुपए देने होंगे। फिर अगल 10 फीसदी सीटों यानी 21-30 सीटों पर 10 फीसदी का इजाफा और चुकाने होंगे 120 रुपए। अगली 10 फीसदी सीटों यानी 31 से 40 सीटों पर फिर 10 फीसदी इज़ाफा होगा और देने होंगे 130 रुपए। फिर 41 से 50 सीटों पर 10 फीसदी इज़ाफ़ा होगा और चुकाने होंगे 140 रुपए। जब 50 फीसदी सीटें भर जाएंगी तो बाकी की 50 फीसदी सीटों पर बेस किराए से 50 फीसदी ज्यादा दाम चुकाने होंगे।

अब आपको बताते हैं कि अगर आप दिल्ली-मुंबई राजधानी में सफर करते हैं, तो आपको कितना किराया देना होगा। दिल्ली-मुंबई राजधानी में थर्ड एसी का किराया अभी 2 हजार 85 रुपए है। लेकिन दस फीसदी सीटें बढ़ने के बाद थर्ड एसी की सीटों पर फ्लैक्सी फेयर स्कीम लागू हो जाएगा। दस फीसदी सीट भरने के बाद थर्ड एसी में एक सीट का किराया 2 हजार 248 रुपए देने होंगे। थर्ड एसी में सीट के लिए आपको अधिकतम 2 हजार 737 रुपए देने होंगे। ठीक इसी तरह से दिल्ली-मुंबई राजधानी में सेकेंड एसी का किराया अभी 2 हजार 870 रुपए है। लेकिन दस फीसदी सीटें भरने के बाद इसमें एक सीट का 3 हजार 107 रुपए हो जाएगा। सेकेंड एसी में एक सीट के लिए  आपको अधिकतम 4 हजार 55 रुपए देने होंगे।

दिल्ली से हावड़ा के बीच दुरंतो में किस श्रेणी में कितना असर पड़ेगा? स्लीपर क्लास पर क्या असर होगा? दिल्ली हावड़ा रूट पर दुरंतों में स्लीपर क्लास का किराया 860 रुपए है। फ्लैक्सी फेयर स्कीम से शुरुआती 10 फीसदी इजाफे के बाद स्लीपर का किराया हो जाएगा 922 रुपए और 50 फीसदी की बढोतरी के बाद स्लीपर का अधिकतम किराया होगा 1170 रुपए। दुरंतों में थर्ड एसी का मौजूदा किराया 2135 रुपए है। शुरुआती 10 फीसदी इजाफे के बाद ये हो जाएगा 2302 रुपए। 50 फीसदी की अधिकतम बढ़ोतरी के बाद अधिकतम किराया होगा 2800 रुपए। अब जान लीजिए सेकेंड एसी पर कितना असर होगा। दिल्ली-हावड़ा रूट पर दुरंतों में सेकेंड एसी का किराया 2930 रुपए है। शुरुआती 10 फीसदी इजाफे के बाद सेकेंड एसी का किरया होगा 3172 रुपए और 50 फीसदी की अधिकतम बढ़ोतरी के बाद किराया होगा 4140 रुपए।

आप भोपाल-दिल्ली शताब्दी में सफर कर रहे हैं, तो इसमें सिर्फ चेयर कार की सीटों पर फ्लैक्सी फेयर सिस्टम लागू होगा। अभी इसमें एक सीट का किराया 1 हजार 140 रुपए हैं। लेकिन दस फीसदी सीट भरने के बाद ये किराया 1 हजार 224 पर पहुंच जाएगा। इसमें जैसे-जैसे सीटें भरती जाएंगी, किराया बढ़ता जाएगा। लेकिन ये किराया 1 हजार 560 रुपए से ज्यादा नहीं होगा।