FLASH BACK: क्या राजेश खन्ना के बंगले आशीर्वाद में था भूतों का वास ?


नीतू कुमार,न्यूज 24, नई दिल्ली (29 दिसंबर): बॉलीवुड के पहले सुपर स्टार राजेश खन्ना का आज जन्मदिन है। अगर राजेश खन्ना आज दुनिया में होते तो वो 75 साल के होते। राजेश खन्ना के फैंस जन्मदिन के मौके पर काका को याद कर रहे हैं। साल 2012 में राजेश खन्ना जब गुजरे थे तो  अपने पीछे  बंगले का विवाद छोड़ गए थे। काका के उस बंगले पर तरह तरह के दावे हो रहे थे और उसी दौराम मशहूर आर्शाीवाद बंगले की नई कहानी शुरू हो गई थी। काका के जाने के बाद अब ये कहा जा रहा है कि राजेश खन्ना का बंगला आर्शीवाद हॉन्टेड हाउस है। मुंबई के पॉश इलाके में बने इस आलीशान बगले आशीर्वाद को लोग भूत बंगला कहा करते थे । सालो पहले की बात है जब यह बंगला खाली पड़ा रहता था लोगों का यहां से गुज़रने में भी लगता था । घर से अक्सर डरावनी आवाज़े आती थी और इसलिए लोगों ने इसे भूत बंगला कहना शुरू कर दिया।



राजेश खन्ना से पहले इस आशीर्वाद के मालिक अभिनेता राजेंद्र कुमार थे। 1960 की बात है। इस बंगले का मालिक इसे कम कीमत पर बेचने के लिए तैयार था। जब यह बात फिल्म अभिनेता राजेंद्र कुमार को पता चली तो उन्होंने इसे खरीदना चाहा। राजेंद्र कुमार को लोगों ने बताया कि यह भूत बंगला है और इसे उन्हें नहीं खरीदना चाहिए, लेकिन राजेंद्र ने अपने दिल की बात मानते हुए सिर्फ 60 हजार रुपए में ये बंगला खरीद लिया। राजेन्द्र कुमार के खास दोस्त मनोज कुमार ने उन्हें पूजा पाठ करवा कर इस बंगले में शिफ्ट होने की सलाह दी। राजेन्द्र कुमार ने ऐसा ही किया। अपनी बेटी के नाम पर उन्होंने इस बंगले का नाम ‘डिंपल’ रखा।



 बंगले में रहने के लिए वे आएं और उनकी किस्मत ही बदल गई। देखते ही देखते वे स्टार बन गए। ‍उनकी फिल्में लगातार हिट हुईं और वे जुबिली कुमार कहलाने लगे। कुछ साल रहने के बाद राजेंद्र कुमार ने दूसरी जगह बंगला ले लिया और वहां रहने लगे। इस को बेचने में उनकी कोई रूचि नहीं थी। उस समय राजेश खन्ना बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाने के लिए स्ट्रगल कर रहे थे। उन्हें यह बंगला पसंद था। जब उन्हें पता चला कि राजेंद्र कुमार अब यहां नहीं रहते हैं तो उन्होंने राजेंद्र कुमार से कहा कि वे ये बंगला खरीदना चाहते हैं।



राजेंद्र कुमार तैयार नहीं हुए, लेकिन काका ने जिद कर उन्हें मना ही लिया। राजेंद्र कुमार ने शर्त रख दी कि उन्हें बंगले का नाम बदलना होगा और काका तैयार हो गए। काका ने बंगले का नाम ‘आशीर्वाद’ रखा। कहा जाता है कि राजेंद्र कुमार से उन्होंने साढ़े तीन लाख रुपये में यह खरीदा। उसके बाद राजेश खन्ना की तो तकदीर बदल गई। आर्शीवाद में शिफ्ट होते ही वो सुपर स्टार बन गए। इसकी बालकनी में खड़े होकर राजेश अपने फैन्स के लिए हाथ हिलाया करते थे।



कहा जाता है कि जिस वक़्त काका शोहरत के शबाब पर थे उस वक़्त तो इस बंगले की रौनक़ के आगे उसमें छुपे सारे हॉन्टेड राज़ दफ्न हो गए थे. लेकिन  ये वहीं बंगला था जिसमें काका को अकेले छोड़कर उनकी वाइफ डिंपल और दोनों बेटियां चली गई थी। ना तो इस घर में उनका परिवार था और ही बंगले के बाहर जुटने वाले फैन्स।




इस बंगले में काका ने स्टारडम भी देखा और बुरा दौर भी। काका के बुरे दिनों में यही घर एक बार फिर हो चुका था उनके लिए हॉन्टेड .काका इस घर की तन्हाई से बहुत डरते थे। सुनने में आया था कि काका इस बंगले के अकेलेपन से इनता घबराते थे कि वो ज़्यादातर वक़्त लिंगकिंग रोड पर बने अपने ऑफिस में बिताते थे इसी बंगले में काका बीमार पड़े और फिर कभी ठीक नहीं हुए। राजेश खन्ना के गुजरने के बाद इस बंगले को बेच दिया गय़ा है। अब आशीर्वाद को तोड़कर वहां नई इमारत बनाई जा रही है। कभी इस घर में ट्विवंकल और उनकी बहन रिंके का बचपन गुजरा था।